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Bihar News : मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन, कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम को किया सील, मच गया हड़कंप

Bihar News : मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. सुरक्षा मानको की जाँच के बाद कई अस्पताल और नर्सिंग होम सील कर दिए गए हैं......पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के बाद प्रशासन का
अस्पतालों पर कसा शिकंजा - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड में सात मरीजों की दर्दनाक मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस भीषण हादसे से सबक लेते हुए शहर के कई निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक टीम ने सुरक्षा मानकों की गहन जांच के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले कई अस्पतालों को मौके पर ही सील कर दिया है। प्रशासन के इस कड़े रुख से पूरे जिले के चिकित्सा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

SKMCH इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी और सीलिंग

कार्रवाई का मुख्य केंद्र मुजफ्फरपुर का प्रमुख मेडिकल हब माना जाने वाला एसकेएमएच (SKMCH) अस्पताल इलाका रहा। अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) पूर्वी तुषार कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इस पूरे क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान जिन निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं मिले या जो बिना वैध कागजातों के चल रहे थे, उन्हें तुरंत बंद कराकर सील कर दिया गया।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर गिरी गाज

एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले भर के अस्पतालों में फायर सेफ्टी नॉर्म्स (अग्निशमन मानकों), आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), वेंटिलेशन और डॉक्टरों-कर्मचारियों की उपलब्धता की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में जो भी अस्पताल इन सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जा रहा है। प्रशासन का साफ संदेश है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अवैध और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ भी खुला मोर्चा

प्रसाद हॉस्पिटल हादसे के बाद प्रशासन ने न सिर्फ वैध अस्पतालों की सुरक्षा जांची, बल्कि जिले भर में कुकुरमुत्ते की तरह खुल गए अवैध और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि अस्पतालों के पास जरूरी निबंधन (रजिस्ट्रेशन) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एनओसी है या नहीं। बिना योग्यता के चल रहे क्लीनिकों और फर्जी डॉक्टरों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।

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मेडिकल हब में प्रशासनिक हड़कंप, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

अस्पतालों को सील किए जाने की इस बड़ी कार्रवाई से मुजफ्फरपुर के चिकित्सा जगत में अफरातफरी का माहौल है। कई निजी अस्पताल संचालक अपनी कमियों को छिपाने के लिए आनन-फानन में इंतजाम दुरुस्त करने में जुट गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान अभी थमेगा नहीं। आने वाले दिनों में जिले के अन्य अनुमंडलों और ग्रामीण इलाकों में भी इसी तरह सघन जांच अभियान चलाकर दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

मणिभूषण की रिपोर्ट