LATEST NEWS

  • Anant Singh MLA Status
  • Bihar Politics: अनंत सिंह की विधायकी पर लटकी तलवार! JDU की अर्जी पर अब इस दिन तय होगा

  • Bihar TRE-4
  • BPSC TRE-4 ने तोड़े भर्ती के सारे रिकॉर्ड, आवेदन के आंकड़े पढ़ कर चौक जाएंगे आप

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

  • Bihar Mobile Users
  • Bihar Mobile Users:आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं? घर बैठे ऐसे करें चेक, फर्जी नंबर

  • Bihar E Cabinet
  • Bihar Cabinet Meeting: मंत्रियों के हाथ में होगी डिजिटल फाइल,बिहार में अब ऐसे होगी कैबिनेट की बैठक

मोतिहारी एसपी का बड़ा एक्शन: 80 किलो चरस मामले में आरोपियों की रिहाई पर मंचा हड़कंप, तत्कालीन थानेदार और IO की भूमिका की होगी जांच

मोतिहारी में 80 किलो चरस मामले के आरोपियों की रिहाई पर एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त रुख अपनाया है। तत्कालीन थानेदार, आईओ और प्रॉसिक्यूशन की भूमिका की जांच के लिए तीन डीएसपी की टीम गठित की गई है।

मोतिहारी एसपी का बड़ा एक्शन: 80 किलो चरस मामले में आरोपियों

Motihari - पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के एसपी स्वर्ण प्रभात ने पुलिस विभाग के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला मार्च 2024 में सुगौली थाना क्षेत्र में हुई 80 किलो चरस की भारी बरामदगी से जुड़ा है। इस केस में गिरफ्तार तीनों आरोपियों की रिहाई को एसपी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है। 

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी 'कुंडली' की जांच

एसपी ने सुगौली थाना कांड संख्या 123/24 की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम में डीएसपी हेडक्वार्टर, साइबर डीएसपी और सदर डीएसपी को शामिल किया गया है। यह कमेटी तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO), केस के अनुसंधान अधिकारी (IO) और प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (अभियोजन अधिकारी) की भूमिका की गहराई से जांच करेगी कि आखिर किन कमियों की वजह से इतने बड़े तस्करों को कोर्ट से रिहाई मिल गई। 

क्या था 80 किलो चरस बरामदगी का मामला?

21 मार्च 2024 को तत्कालीन सदर डीएसपी शिखर चौधरी के नेतृत्व में सुगौली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की थी। निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास दो बाइक सवारों—आलम मियां और ओमप्रकाश कुमार (मझौलिया, बेतिया)—को 30 किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनकी निशानदेही पर राजकिशोर सिंह के दलान में छापेमारी कर 50 किलो और चरस व एक किलो गांजा बरामद किया गया था। कुल 80 किलो चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी गई थी। 

रिहाई के बाद खड़े हुए गंभीर सवाल

इतने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की बरामदगी और ठोस सबूतों के दावों के बावजूद तीनों अभियुक्तों का जेल से रिहा हो जाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाता है। एसपी स्वर्ण प्रभात को संदेह है कि केस की डायरी, साक्ष्यों के संकलन या प्रॉसिक्यूशन लेवल पर कोई बड़ी लापरवाही या मिलीभगत हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जांच का दायरा तत्कालीन थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार और आईओ तक बढ़ा दिया गया है। 

NSIT
Nsmch

लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज

जांच टीम को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जांच में किसी भी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही या तस्करों के साथ मिलीभगत पाई गई, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में इस कार्रवाई की तलवार कई अधिकारियों पर लटक रही है, जिससे जिले के पुलिस तंत्र में बेचैनी का माहौल है।

Report - Himanshu mishra