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सरकारी अफसर ने छात्रा को बनाया हवस का शिकार,दो बार कराया जबरन गर्भपात,FIR दर्ज

मोतिहारी के कोटवा में पदस्थापित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अप्पू कुमार पर पटना की छात्रा ने शादी का झांसा देकर 3 वर्षों तक यौन शोषण और दो बार जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया है.महिला थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Motihari LEO Appu Kumar FIR Case
सरकारी अफसर ने छात्रा को बनाया हवस का शिकार- फोटो : Reporter

पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में एक महिला ने सरकारी अधिकारी अप्पू कुमार के विरुद्ध गंभीर आरोपों के साथ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी वर्तमान में कोटवा में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (LEO) के पद पर तैनात है। पीड़िता के अनुसार, दोनों की मुलाकात वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने शादी का झांसा देकर पटना के एक होटल में पहली बार शारीरिक संबंध बनाए और लगातार उसका यौन शोषण करता रहा।

जबरन गर्भपात और प्रताड़ना का गंभीर आरोप

पीड़िता ने अपनी लिखित शिकायत में बताया है कि इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। 2023 में पहली बार गर्भवती होने पर आरोपी ने उसे पढ़ाई का हवाला देकर और बहला-फुसलाकर गर्भपात की दवा खिला दी थी। मई 2026 में जब पीड़िता दोबारा गर्भवती हुई और उसने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी ने उसे मोतिहारी बुलाया। आरोप है कि 12 मई  को मोतिहारी के अगरवा मोहल्ला स्थित एक कमरे में पीड़िता को बंधक बनाकर रखा गया और विरोध करने पर अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की गई तथा जबरन गर्भपात की दवा खिला दी गई। 

महिला थाने में प्राथमिकी और कानूनी धाराएं

दस्तावेजों के अनुसार, पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 13 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोपी अप्पू कुमार के विरुद्ध महिला थाना कांड संख्या 47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 69, 126(2), 127(2), 89, 91, 115(2), 352 और 351(2)(3) में मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में शादी का झूठा वादा करना, बंधक बनाना, स्वेच्छा से चोट पहुँचाना और जबरन गर्भपात कराना जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

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मामले को दबाने की कोशिश और प्रशासनिक हड़कंप

इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने से पहले आरोपी के शुभचिंतक पूरे दिन मामले को रफा-दफा करने और 'मैनेज' करने की कोशिश में जुटे रहे, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया। वर्तमान में आरोपी अधिकारी की भूमिका को लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

महिला थाना अध्यक्ष (SHO) मोना कुमारी ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की छानबीन तेज कर दी है. इस हाई-प्रोफाइल केस की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर (SI) रूपरेखा कुमारी को सौंपी गई है, जो अब पूरे मामले की गहन जांच करेंगी. पीड़िता ने अपने आरोपों की पुष्टि के लिए डॉक्टर के पुर्जे की फोटोकॉपी भी पुलिस को साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराई है. एक जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठे अधिकारी द्वारा सत्ता के दुरुपयोग का यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।