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Bihar News: अपने ही इलाके में फंसे पूर्व मंत्री, तिरंगा यात्रा पर बवाल , ग्रामीणों ने रोका, बैनर-झंडा फाड़ा, गाली-गलौज और मारपीट

Bihar News: बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और मोतीहारी विधानसभा के भाजपा विधायक प्रमोद कुमार को अपने ही विधानसभा क्षेत्र में भारी विरोध का सामना करना पड़ा।...

Motihari Bjp
अपने ही इलाके में फंसे पूर्व मंत्री- फोटो : reporter

Bihar News: राजनीति की सड़कों पर इस बार तिरंगे के साये में भी टकराव की चिंगारी सुलग उठी। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और मोतीहारी विधानसभा के भाजपा विधायक प्रमोद कुमार को अपने ही विधानसभा क्षेत्र में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सोमवार शाम आयोजित उनकी तिरंगा यात्रा टिकुलिया गांव पहुंची ही थी कि माहौल अचानक गरमा गया और जुलूस को गांव के कुछ लोगों ने रोक दिया। देखते ही देखते यह विरोध बैनर-झंडा फाड़ने, गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गया।

घटना मुफसिल थाना क्षेत्र के ढेकहा पंचायत के टिकुलिया गांव की है। विधायक प्रमोद कुमार के अनुसार, मंडल अध्यक्ष की अध्यक्षता में यह तिरंगा यात्रा क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देशभक्ति का संदेश देने के लिए निकाली गई थी। लेकिन जैसे ही रथ टिकुलिया पहुंचा, कथित असामाजिक तत्वों और “देशद्रोही” मानसिकता के लोगों ने रास्ता रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने तिरंगा रथ पर लगे बैनर-पोस्टर और झंडे को फाड़ डाला और देशविरोधी नारे लगाने लगे।

विधायक का कहना है कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन विरोध करने वाले लोग और उग्र हो गए। कथित तौर पर, उन्होंने जुलूस में शामिल लोगों से धक्का-मुक्की, मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ तक कर डाली। स्थिति बिगड़ते देख तिरंगा यात्रा को बीच में ही रोककर लौटना पड़ा।

इस पूरे प्रकरण को लेकर विधायक ने मुफसिल थाना में लिखित आवेदन दिया है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर लिया है और वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है।

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स्थानीय सूत्र बताते हैं कि इस घटना के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और क्षेत्रीय गुटबाज़ी का हाथ हो सकता है। तिरंगे के नाम पर शुरू हुआ यह जुलूस कुछ ही मिनटों में चुनावी जंग के रंग में रंग गया, जिसमें कानून-व्यवस्था की परीक्षा भी हो गई।

अब देखना यह है कि मुफसिल थाना पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से आरोपियों तक पहुंचती है और क्या इस तिरंगा विवाद का सच महज असामाजिक तत्वों की हरकत है, या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक पटकथा छिपी है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार