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Motihari News : अरेराज अनुमंडल में फर्जी शपथ पत्र का 'काला खेल', बिना आए ही बन रहे कागजात, डीएम ने दिए जांच के आदेश

Motihari News : मोतिहारी में शपथ पत्र का काला खेल देखने को मिला है. जहाँ पैसे देकर बिना आये ही कागजात मिल जा रहे हैं. डीएम ने जांच के आदेश दे दिए हैं.....पढ़िए आगे

Motihari News : अरेराज अनुमंडल में फर्जी शपथ पत्र का 'काला ख
शपथ पत्र का काला खेल - फोटो : SOCIAL MEDIA

MOTIHARI : बिहार के मोतिहारी जिला अंतर्गत अरेराज अनुमंडल कार्यालय इन दिनों फर्जी शपथ पत्र (एफिडेविट) बनाने के खेल को लेकर चर्चा में है। ताजा मामला एक ऐसी महिला का सामने आया है जो वर्तमान में परदेश (राज्य से बाहर) में रह रही है, लेकिन उसकी अनुपस्थिति में उसके नाम से दो-दो शपथ पत्र जारी कर दिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि एक शपथ पत्र पर महिला के हस्ताक्षर (सिग्नेचर) हैं, जबकि दूसरे पर अंगूठे का निशान (थम्ब इम्प्रेशन) लगा हुआ है। इस खुलासे के बाद अनुमंडल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बिना महिला के कार्यपालक दंडाधिकारी (एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) के समक्ष उपस्थित हुए यह शपथ पत्र कैसे बन गया, यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अनुमंडल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। नियमतः किसी भी शपथ पत्र के लिए संबंधित व्यक्ति का दंडाधिकारी के सामने पेश होना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ 'चढ़ावा' के खेल में सारे नियम ताक पर रख दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि बिचौलियों और कर्मियों की मिलीभगत से प्रति शपथ पत्र अवैध वसूली का खेल जोरों पर है।

अभी यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि पहाड़पुर थाना क्षेत्र की एक अन्य महिला नूरजहां खातून ने इस खेल का पर्दाफाश करते हुए डीएम और एसडीओ को आवेदन दिया है। नूरजहां का कहना है कि वह पढ़ी-लिखी महिला है और हमेशा हस्ताक्षर करती है। इसके बावजूद, कार्यपालक दंडाधिकारी के कार्यालय से उनके नाम पर बिना हस्ताक्षर वाला और फर्जी अंगूठे के निशान वाला शपथ पत्र जारी कर दिया गया। महिला ने इस फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इससे पहले बथुआह गांव की शहनाज बेगम के मामले में भी ऐसी ही विसंगति पाई गई थी। शहनाज जब परदेश  में थी, तभी उनके नाम से फर्जी तरीके से कागजात तैयार कर लिए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतिहारी डीएम ने अरेराज एसडीओ को जांच का जिम्मा सौंपा है। वर्तमान में जांच प्रक्रिया जारी है, लेकिन एक के बाद एक आ रही शिकायतों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यहाँ कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो फर्जी तरीके से सरकारी दस्तावेजों का निर्माण कर रहा है।

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अरेराज अनुमंडल में आम चर्चा है कि यदि जेब गर्म हो, तो व्यक्ति विदेश में भी रहे तब भी हाकिम के कार्यालय से उसका शपथ पत्र तैयार होकर मिल जाएगा। लोग कह रहे हैं कि मात्र 300 से 500 रुपये की अवैध वसूली के चक्कर में दंडाधिकारी कार्यालय की गरिमा को धूल धूसरित किया जा रहा है। अब सबकी नजरें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं कि क्या इस सिंडिकेट में शामिल बड़े चेहरों पर कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। 

हिमांशु की रिपोर्ट