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Bihar news - जहां माता सीता और श्रीराम की हुई थी पहली भेंट, उस जगह का विकास कराएंगे सीएम नीतीश कुमार, इतनी राशि को दी मंजूरी

Bihar news - जिस स्थान पर पहली बार श्री राम और माता जानकी की पहली भेंट हुई थी, अब उस जगह को बिहार सरकार नए सिरे से विकसित करने जा रही है।

 Bihar news - जहां माता सीता और श्रीराम की हुई थी पहली भेंट,

Patna - बिहार के पुनौराधाम में मां जानकी मंदिर निर्माण की तैयारी की जा रही है। जिसके आधारशिला रखने के लिए आगामी 8 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है। वहीं अब नीतीश सरकार उन जगहों को भी विकसित करने का फैसला लिया है, जहां श्रीराम और माता सीता पहली बार एकदूसरे से मिले थे। इसकी जानकारी खुद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर दी है। 

उन्होंने मुख्यमंत्री ने लिखा कि मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड की पावन धरती फुलहर, माता सीता और प्रभु श्रीराम के प्रथम मिलन की साक्षी रही है। यह हम सभी बिहारवासियों के लिए गौरव की बात है कि अब इस स्थल का धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकास किया जा रहा है।

बीते दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 31.13 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का शिलान्यास किया है। मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए प्रस्तावित डिज़ाइन में विशाल जलाशय, पक्के घाट, पथ-वे, हरियाली, रात्रि प्रकाश व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों की सुविधाएं शामिल हैं। 

लंबे समय से था अपेक्षित

लंबे समय से यह स्थल जन आस्था का केंद्र तो रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यह पर्यटक दृष्टिकोण से पिछड़ा हुआ था। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना से फुलहर को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। 

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यहीं फूल तोड़ने आती थी माता सीता

स्थानीय मान्यता के अनुसार, यही वह स्थान है जहांमाता सीता फूल तोड़ने आया करती थीं और यहीं उनकी पहली भेंट भगवान श्रीराम से हुई थी। यहाँ स्थित कुश वाटिका को भी इसी मान्यता से जोड़ा जाता है।

मुख्यमंत्री के इस कदम से स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। मंदिर समिति, समाजसेवियों और युवाओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यदि परियोजना का कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया, तो यह स्थल राज्य ही नहीं, देश के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान हासिल कर सकता है।

मुख्यमंत्री के इस कदम से स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। मंदिर समिति, समाजसेवियों और युवाओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यदि परियोजना का कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया, तो यह स्थल राज्य ही नहीं, देश के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान हासिल कर सकता है।

जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए आग्रह किया है कि विकास कार्य में गति और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहराव और सुविधाओं की अब तक समुचित व्यवस्था नहीं रही है, जिससे भक्तों को असुविधा होती है। ऐसे में यह परियोजना क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को नया आयाम देने में सहायक होगी।