LATEST NEWS

  • मधुबनी में सनसनीखेज वारदात : प्रेमी ने  22 वर्षीय नवविवाहिता पूर्व प्रेमिका को चाकू से गोदकर उतारा मौत के घाट, गांव में तनाव
  • मधुबनी में सनसनीखेज वारदात : प्रेमी ने 22 वर्षीय नवविवाहिता पूर्व प्रेमिका को चाकू से गोदकर उतारा

  • Bihar Crime:शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक के गुप्त तहखाने से 45 लाख की विदेशी शराब बरामद
  • Bihar Crime:शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक के गुप्त तहखाने से 45 लाख की विदेशी शराब बरामद

  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के बाद पंचायत समिति पति हिरासत मे
  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के

  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर
  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर

  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे मदद,  मानवीय पहल की लोग कर रहे सराहना
  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे

एनएच-31 पर थम नहीं रहा मौतों का सिलसिला, मुखिया के भाई के निधन के बाद फूटा आक्रोश

Bihar Road Accident : बिहार के एनएच-31 खगड़िया-पसराहा मार्ग मौत का सड़क बन गया है। तीन महीने के अंदर तकरीबन 100 लोगों की इस मार्ग पर सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। आज फिर इस मार्ग पर मुखिया के भाई की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई.....

एनएच-31 पर थम नहीं रहा मौतों का सिलसिला, मुखिया के भाई के नि
पूर्व विधायक डॉ.संजीव कुमार की सीएम से मांग- फोटो : वंदना शर्मा

Khagaria : जिले के पसराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (NH-31) पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में द्वैथा पंचायत के मुखिया आलोक कुमार के भाई का असामयिक और दुखद निधन हो गया। इस घटना की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

बड़ा सवाल: तीन महीनों में 100 से अधिक मौतें, आखिर इस खूनी रफ्तार का जिम्मेदार कौन?

इस दुखद घटना ने एक बार फिर एनएच-31 की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व विधायक डॉ.संजीव कुमार ने कहा कि पिछले महज तीन महीनों के भीतर इस मार्ग पर अलग-अलग हादसों में 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। क्षेत्र की जनता प्रशासन से सीधा सवाल पूछ रही है कि आखिर इस मौत के सिलसिले का जिम्मेदार कौन है? क्या परिवहन विभाग और जिला प्रशासन किसी और बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहे हैं, जो अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया?

सीएम सम्राट चौधरी और एनएचएआई से मांग: खगड़िया-पसराहा मार्ग बने 'एक्सीडेंट प्रोन जोन'

NSIT
Nsmch

पूर्व विधायक डॉ.संजीव कुमार ने बढ़ते हादसों को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि खगड़िया से पसराहा के बीच के पूरे हिस्से को आधिकारिक तौर पर “एक्सीडेंट-प्रोन ज़ोन” (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) घोषित किया जाए। इसके साथ ही इस मार्ग पर तत्काल प्रभाव से वाहनों की स्पीड लिमिट (गति सीमा) तय कर उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

सुरक्षा उपाय और ट्रॉमा सेंटर की मांग, ताकि समय पर मिल सके आपातकालीन इलाज

उन्होंने दुर्घटनाओं को रोकने और घायलों की जान बचाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार की सख्त जरूरत बताई। इसके तहत एनएच-31 के सभी ब्लैक स्पॉट्स और दुर्घटना संभावित मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर युक्त चेतावनी संकेतक एवं रात के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (स्ट्रीट लाइट्स) दुरुस्त करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, एक बड़ी मांग यह भी उठी है कि इस संवेदनशील क्षेत्र में शीघ्र ही एक अत्याधुनिक 'ट्रॉमा सेंटर' की स्थापना की जाए, ताकि गंभीर रूप से घायल लोगों को 'गोल्डन ऑवर' के भीतर समय पर इलाज मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके।

सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी; हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने की आमजन से भावुक अपील

प्रशासनिक स्तर पर सुधार की मांग के साथ-साथ आम जनता से भी अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद भावुक अपील की है। कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल सरकारी आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे किसी हंसते-खेलते परिवार की पूरी दुनिया उजड़ जाने की दर्दनाक कहानी होती है। इसलिए, सभी दोपहिया वाहन चालक अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें और चारपहिया वाहन चलाने वाले सीट बेल्ट का उपयोग जरूर करें। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन का काम नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है।

वंदना की रिपोर्ट