LATEST NEWS

  • Bihar Weather
  • Bihar Weather: बिहार में दुर्गा पूजा के दौरान सुबह गुलाबी ठंड, दोपहर में तपिश, जानें कब बदलेगा मिजाज

  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर सेवा से ईको-टूरिज्म को लगेंगे पंख
  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर

  • Kolkata Durga Puja Stampede: चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़, कई लोग घायल, सप्तमी के दिन हादसा
  • Kolkata Durga Puja Stampede: चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़, कई लोग घायल, सप्तमी के दिन हादसा

  • Bihar News : भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने बक्सर से उठाया, इस मामले में हुई गिरफ़्तारी
  • Bihar News : भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने बक्सर से

  • दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद मोहन, कहा राजपूत समाज का हो रहा क्रमबद्ध कत्लेआम
  • दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद

गरीबी ने रोका अंतिम संस्कार: 3 दिनों तक पति के शव के पास बैठी रही बेबस पत्नी, सोशल मीडिया पर खबर के बाद जागा प्रशासन

खगड़िया जिले से मानवता और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां अत्यंत आर्थिक तंगी और बेबसी के कारण एक असहाय महिला अपने पति के शव के साथ तीन दिनों तक घर में ही बैठी रही...

गरीबी ने रोका अंतिम संस्कार: 3 दिनों तक पति के शव के पास बैठ
गरीबी ने रोका अंतिम संस्कार- फोटो : अमित कुमार

Khagariya : शहर स्थित रामचंद्रा मोहल्ले से मानवता और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां अत्यंत आर्थिक तंगी और बेबसी के कारण एक असहाय महिला अपने पति के शव के साथ तीन दिनों तक घर में ही बैठी रही। गरीबी इस कदर हावी थी कि दाह-संस्कार के लिए भी महिला के पास एक रुपया नहीं था, और लंबे समय तक समाज या स्थानीय प्रशासन का कोई भी व्यक्ति मदद के लिए आगे नहीं आया।


कैंसर की बीमारी में खत्म हो गई जिंदगी भर की जमा-पूंजी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित अनीता देवी के पति मन्नू साह लंबे समय से लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और तीन दिन पहले उनका निधन हो गया। पति के इलाज के दौरान ही परिवार की बची-कुची सारी जमा-पूंजी पूरी तरह समाप्त हो चुकी थी। अनीता देवी ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया कि उनकी कोई संतान नहीं है और दाह-संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है, लेकिन पैसे न होने के कारण वे लाचार बनी रहीं।


सामाजिक उपेक्षा और बीमारी के डर ने बढ़ाई बेबसी

अनीता देवी ने बताया कि आर्थिक बदहाली के साथ-साथ उन्हें सामाजिक उपेक्षा का भी सामना करना पड़ा। गंभीर बीमारी (कैंसर) के कारण आसपास के लोग और पड़ोसी संक्रमण या अन्य डर की वजह से शव के पास आने और उसे छूने तक से परहेज करते रहे। न तो कोई कंधा देने आगे आया और न ही किसी ने आर्थिक मदद की, जिसके चलते वह मजबूर होकर तीन दिनों तक अपने पति के निष्प्राण शरीर के पास बैठकर सिर्फ मदद की गुहार लगाती रहीं।


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला, नगर परिषद ने लिया संज्ञान

जब यह हृदयविदारक मामला सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हुआ और चारों ओर चर्चा का विषय बना, तब जाकर स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों की नींद टूटी। मामले की गंभीरता को देखते हुए खगड़िया नगर परिषद के नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने पीड़ित महिला से संपर्क किया और तत्काल सहायता का भरोसा दिलाया। इसके बाद नगर परिषद की ओर से मृतक के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने की पहल शुरू की गई।


सरकारी दावों और सामाजिक व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल

NSIT
Nsmch

यह खौफनाक और दुखद घटना वर्तमान सामाजिक व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ जहां सरकार गरीबी उन्मूलन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक तंगी और सामाजिक दूरी के कारण किसी व्यक्ति का शव तीन दिनों तक अंतिम संस्कार के लिए पड़ा रहे—यह समाज और व्यवस्था दोनों के लिए बेहद शर्मनाक और चिंताजनक स्थिति है।

अमित की रिपोर्ट