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कटिहार में गंगा-कोसी के उफान से बाढ़ का कहर, कई गांवों में घुसा गंगा का पानी

नेपाल में हो रही भारी बारिश की वजह से बिहार की कई नदियां उफान पर है। प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए है। इधर कटिहार जिले में भी गंगा और कोशी ने अपना रौद्र रुप दिखाना शुरु कर दिया है। जिले के कई इलाको में बाढ़ का पानी घूस गया है....

कटिहार में गंगा-कोसी के उफान से बाढ़ का कहर, कई गांवों में घ
कटिहार के कई गांवों में घुसा गंगा का पानी- फोटो : श्याम

Katihar : जिले में अब बाढ़ का भीषण असर देखने को मिलने लगा है। बरारी प्रखंड के आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के सैकड़ों गांवों में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के बाद अफरा-तफरी का माहौल है। नदियों का पानी अब रिहाइशी इलाकों तक पहुंच चुका है, जिससे कई लोगों के घरों में पानी भर गया है। इसके साथ ही तटवर्ती इलाकों में किसानों के खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं।

धान की कच्ची फसल काटने को मजबूर हुए किसान, खेतों में जलभराव 

गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में अचानक हुए उछाल से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को पहुंचा है। खेतों में पानी का तेज बहाव आने के कारण किसानों की धान की फसल बिना पूरी तरह तैयार हुए ही डूबने लगी है। ऐसे में किसान आनन-फानन में अपनी बची हुई फसल को डूबने से बचाने की कवायद में जुट गए हैं। किसान पानी के बीच उतरकर किसी तरह अधपके धान को काटकर बाहर निकालने का काम कर रहे हैं।

पीड़ित किसान का छलका दर्द, बोले- 25 प्रतिशत ही फसल बचा सके 

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बाढ़ की त्रासदी झेल रहे पीड़ित किसान रंजीत सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि दो-तीन दिन पहले तक इलाके में पानी नहीं था। अचानक गंगा-कोसी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से खेतों में खड़ी फसलें नदी में समा गईं। उन्होंने बताया कि उनकी फसल का महज 25 प्रतिशत हिस्सा ही तैयार हो पाया था, बाकी सब बर्बाद हो गया। अब स्थिति यह है कि खेती में लगाई गई मूल पूंजी भी वापस लौटती नहीं दिख रही है।

मेहनत और पूंजी डूबने से किसान बेहाल, सरकार से मदद की मांग 

एक अन्य स्थानीय किसान सोहेल अख्तर ने बताया कि बड़ी कड़ी मेहनत और कर्ज लेकर उन्होंने धान की फसल लगाई थी। अब सब कुछ पानी में डूब चुका है, जिससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने कहा कि इस आपदा से हुए भारी नुकसान की भरपाई कर पाना उनके वश में नहीं है। पीड़ित किसानों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल मामले में हस्तक्षेप कर मुआवजे और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

बाढ़ से निपटने और राहत व्यवस्था को लेकर उठ रही मांगें 

बरारी इलाके में अचानक आई इस बाढ़ के कारण किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ जहां लोग अपनी बची हुई फसलों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित पंचायतों में नावों की व्यवस्था और राहत कार्य शुरू करने की अपील की है।

श्याम की रिपोर्ट