LATEST NEWS

  • Tiger Shroff : टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में कोटा पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, तीन संदिग्ध शूटरों को हिरासत में लिया
  • Tiger Shroff : टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में कोटा पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, तीन

  • Bihar News : केंद्र सरकार ने NH 139 को दी फोरलेन बनाने की मंजूरी, पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह केंद्र और राज्य सरकार का जताया आभार
  • Bihar News : केंद्र सरकार ने NH 139 को दी फोरलेन बनाने की मंजूरी, पूर्व सांसद सुशील कुमार

  • Diwali inflation
  • Diwali inflation: धनतेरस पर बढ़ेगा खर्च! बादाम, काजू, पिस्ता से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक के दाम बढ़े

  • Jharkhand News : चुनाव आयोग विश्वसनीय संस्था नहीं, अपने पाप छुपाने का कर रही प्रयास : झामुमो
  • Jharkhand News : चुनाव आयोग विश्वसनीय संस्था नहीं, अपने पाप छुपाने का कर रही प्रयास : झामुमो

  • Bihar Road Project
  • Bihar Road Project: बिहार को मिली बड़ी सौगात, NH-139 होगा फोरलेन, पटना से झारखंड-छत्तीसगढ़ तक सफर होगा

Bihar Flood: बाढ़ में नाद बनी नाव, जान जोखिम में डाल कर स्कूल जा रहे छात्र

Bihar Flood:गंगा और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने हालात को गंभीर बना दिया है। बाढ़ का पानी गांव के कई हिस्सों में फैलने से ग्रामीणों की जिंदगी दुश्वार हो गई है।...

Flood Forces Two Brothers to Use Trough as Boat for School
बाढ़ में नाद बनी नाव- फोटो : reporter

Bihar Flood: कटिहार समेली प्रखंड की पश्चिमी चांदपुर पंचायत स्थित दिरा चांदपुर गांव में गंगा और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने हालात को गंभीर बना दिया है। बाढ़ का पानी गांव के कई हिस्सों में फैलने से ग्रामीणों की जिंदगी दुश्वार हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और छात्राओं को उठानी पड़ रही है। करीब एक सप्ताह से बच्चे बाढ़ के पानी के बीच से स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं।

हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिरा चांदपुर निवासी आदित्य कुमार और मयंक कुमार, जो सगे भाई हैं और मध्य विद्यालय मोरसंडा में क्रमश: कक्षा पांच और छह में पढ़ते हैं, स्कूल जाने के लिए घर में रखे नाद को नाव की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। दोनों भाई नाद के सहारे बाढ़ के पानी को पार करते हैं और किसी तरह विद्यालय पहुंचते हैं। उनकी यह मजबूरी व्यवस्था के इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार इजाफा होने से गांव में बाढ़ का संकट और गहरा रहा है। पानी बढ़ने के साथ रास्ते जलमग्न हो गए हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। अभिभावकों के लिए भी बच्चों को इस तरह पानी पार कर स्कूल भेजना चिंता का सबब बना हुआ है।महिलाओं और छात्राओं के लिए भी आवागमन बड़ी मुसीबत बन गया है। जलजमाव के कारण रोजमर्रा के कामकाज और सुरक्षित आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।

स्थानीय ग्रामीण सचित कुमार यादव ने जिला प्रशासन से तत्काल नाव उपलब्ध कराने, सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने और बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

NSIT
Nsmch

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह