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कैमूर DTO कार्यालय में 15.96 करोड़ का घोटाला : CAG ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

कैमूर के जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में 15 करोड़ 96 लाख रुपये के भारी वित्तीय गबन का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।सीएजी के रिपोर्ट के अनुसार यह मामला वर्ष 2019 से 2023 के बीच का है......

कैमूर DTO कार्यालय में 15.96 करोड़ का घोटाला : CAG ऑडिट रिपो
कैमूर DTO कार्यालय में करोड़ो का घोटाला- फोटो : धीरज परासर

Patna : कैमूर के जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में वर्ष 2019 से 2023 के बीच 15 करोड़ 96 लाख रुपये के भारी वित्तीय गबन का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। प्रधान महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट में इस बड़े घोटाले की परतें खुली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2019 से दिसंबर 2023 की अवधि के दौरान वाहन चालकों से कुल 26.91 करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले गए थे, लेकिन सरकारी खजाने में महज 10.96 करोड़ रुपये ही जमा कराए गए।

नियमों की अनदेखी और कैश बुक में हेरफेर

जांच में सामने आया है कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से शेष 15.96 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली गई। सरकारी नियमों के अनुसार ई-चालान डिवाइस से नकद वसूले गए जुर्माने को अगले ही दिन सरकारी खाते में जमा करना अनिवार्य होता है। हालांकि, जिम्मेदार कर्मियों ने पैसे की वसूली तो कर ली, लेकिन राशि जमा करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया और गबन की नीयत से कैश बुक व जमा रजिस्टर को भी अधूरा छोड़ दिया।

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ऑडिट के दौरान भभुआ में पकड़ा गया मामला

यह पूरा घोटाला वर्ष 2023 के बाद तब सामने आया जब महालेखाकार कार्यालय की टीम ऑडिट के सिलसिले में भभुआ पहुंची। कागजातों की बारीकी से पड़ताल करने पर पाया गया कि तत्कालीन डीटीओ, एमवीआई, एसआई और नाजिर सहित कई कर्मचारियों की इसमें सीधी संलिप्तता थी। लेखापरीक्षा टीम ने इस अनियमितता को बेहद गंभीर मानते हुए पूरी राशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।

11 अधिकारियों व कर्मचारियों पर गबन की गाज

ऑडिट रिपोर्ट में कुल 11 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस घोटाले का आरोपी बनाया गया है। इसमें सबसे बड़ी राशि कार्यालय क्लर्क/नाजिर के स्तर पर (11.68 करोड़ रुपये से अधिक) रोकी गई। इसके अलावा एसआई हरिशंकर, विनोद, मनोज, सुमन सिन्हा, संतोष, शैलेंद्र कुमार, एमवीआई रणजीत कुमार और अन्य छह कर्मियों पर लाखों रुपये के गबन का आरोप है। दोषी पाए गए कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

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नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचे आरोपी, नए DTO ने संभाला प्रभार

मामले में कार्रवाई करते हुए जनवरी 2026 में डीटीओ रविरंजन कुमार ने सभी संबंधित तत्कालीन अधिकारियों और नाजिर से जवाब-तलब शुरू किया। दो-दो नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कोई भी आरोपी अधिकारी या कर्मचारी अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। वहीं, हाल ही में पदभार ग्रहण करने वाले नए डीटीओ ललित राही ने स्पष्ट किया है कि वे मामले की पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही आगे की उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।

धीरज पराशर की रिपोर्ट