LATEST NEWS

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

  • Bihar Mobile Users
  • Bihar Mobile Users:आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं? घर बैठे ऐसे करें चेक, फर्जी नंबर

  • Bihar E Cabinet
  • Bihar Cabinet Meeting: मंत्रियों के हाथ में होगी डिजिटल फाइल,बिहार में अब ऐसे होगी कैबिनेट की बैठक

  • Bihar Ration Card
  • Bihar Ration Card:बिहार में 35 लाख से ज्यादा राशन कार्ड रद्द! चेक कर लीजिए लिस्ट में आपका

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

Bihar News: हाजीपुर के बस स्टैंड पर फिर घमासान! 515 लाख आवंटित, पांच साल में जमीन नहीं मिली, एनएचएआई की जमीन पर चुंगी वसूली की निविदा से उठे सवाल,जनहित में रद्द करने की उठी मांग

Bihar News: हाजीपुर के रामाशीष चौक स्थित अस्थायी बस स्टैंड की बदहाली और स्थायी भूमि आवंटन में प्रशासनिक सुस्ती का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। ...

Hajipur Bus Stand Row Toll Tender Faces Questions Over Land
हाजीपुर में बस स्टैंड विवाद- फोटो : reporter

Bihar News:  हाजीपुर के रामाशीष चौक स्थित अस्थायी बस स्टैंड की बदहाली और स्थायी भूमि आवंटन में प्रशासनिक सुस्ती का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बस स्टैंड निर्माण के लिए वर्षों पहले 515.52 लाख रुपये आवंटित किए जाने के बावजूद अब तक स्थायी जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा रामाशीष चौक पर एनएचएआई की खाली जमीन पर टोल एवं चुंगी वसूली की निविदा निकाले जाने से विवाद गहरा गया है।

वैशाली समाहरणालय के पत्रांक-805, दिनांक 20 जुलाई 2026 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निविदा जारी की गई है। विरोध करने वालों का तर्क है कि जब उक्त भूमि पर स्थायी बस स्टैंड के निर्माण का स्पष्ट वैधानिक आधार नहीं है और जमीन स्वयं एनएचएआई की है, तो वहां टोल-चुंगी वसूली की निविदा निकालना जनहित और विधि-सम्मत प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। इसे तत्काल रद्द करने की मांग उठ रही है।

2021 में मिले 515.52 लाख, जमीन आज तक गायब

नगर विकास एवं आवास विभाग ने 10 जून 2021 को नगर परिषद हाजीपुर में बस स्टैंड निर्माण के लिए 515.52 लाख रुपये आवंटित किए थे। इसके बाद जुलाई 2023 में विभागीय पत्र के माध्यम से समाहर्ता वैशाली से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। लेकिन वर्षों गुजरने के बावजूद स्थायी भूमि चिन्हित नहीं हो सकी। इसका सीधा असर यात्रियों और वाहन संचालकों पर पड़ रहा है। वर्तमान में रामाशीष चौक पुल के नीचे एनएचएआई की खाली जमीन पर बसों का संचालन हो रहा है, जहां यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक पर्याप्त नहीं हैं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बनी थी अस्थायी व्यवस्था

रामाशीष चौक बस स्टैंड का मामला पटना हाईकोर्ट में भी पहुंच चुका है। राजन सिंह बनाम बिहार सरकार मामले में 7 जनवरी 2022 के आदेश के अनुपालन में जिला प्रशासन ने स्थल निरीक्षण कर अस्थायी व्यवस्था की थी। स्थायी भूमि उपलब्ध होने तक एनएच-22 के दक्षिण-पश्चिम में निर्माणाधीन सड़क परियोजना की खाली जमीन पर बस स्टैंड स्थानांतरित करने की बात सामने आई थी।

NSIT
Nsmch

मामला बिहार विधानसभा में विधायक मुकेश कुमार रौशन ने भी उठाया था। सरकार ने जवाब में स्वीकार किया था कि हाजीपुर नगर परिषद क्षेत्र में फिलहाल कोई स्थायी बस स्टैंड नहीं है और रामाशीष चौक पर एनएचएआई की खाली जमीन अथवा फ्लाईओवर के नीचे बसें रुकती हैं। सरकार ने यह भी बताया था कि भूमि उपलब्ध होते ही सुविधायुक्त बस स्टैंड का निर्माण कराया जाएगा।

पैसा आवंटित तो जमीन क्यों नहीं?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब वर्ष 2021 में बस स्टैंड के लिए करोड़ों की राशि उपलब्ध करा दी गई थी, तो पांच साल बाद भी जमीन क्यों नहीं मिल सकी? स्थायी बस स्टैंड नहीं बनने से यात्रियों को परेशानी के साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान होने का दावा किया जा रहा है।

विरोधियों ने चेतावनी दी है कि एनएचएआई की जमीन पर बस स्टैंड संचालन और टोल-चुंगी वसूली को लेकर जारी निविदा रद्द नहीं की गई तो मामला न्यायालय तक जा सकता है। उन्होंने तत्काल भूमि उपलब्ध कराने, निविदा की वैधानिकता स्पष्ट करने और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। सवाल अब भी वही है 515.52 लाख रुपये का इंतजाम हो गया, आदेश और पत्राचार भी हो गए, हाईकोर्ट का मामला भी सामने आ चुका है, फिर हाजीपुर को स्थायी बस स्टैंड के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा?

रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह