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Bihar Crime: गया में नकली दवाओं का काला साम्राज्य बेनकाब! पूर्व सांसद की बिल्डिंग से नशीली दवाओं का खजाना बरामद, कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क

Bihar Crime: बिहार के गया शहर में पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने नकली और नशीली दवाओं के बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया है।

Bihar Crime: गया में नकली दवाओं का काला साम्राज्य बेनकाब! पू
पूर्व सांसद की बिल्डिंग में काला कारोबार!- फोटो : MANOJ

GAYAJI : बिहार के गया शहर में पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने नकली और नशीली दवाओं के बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के न्यू पीपरपाती मोहल्ले में हुई इस हाईप्रोफाइल छापेमारी के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई पूर्व सांसद स्वर्गीय रंजीत सिंह उर्फ रंग सिंह की बिल्डिंग में की गई, जहां भारी मात्रा में नकली और नशीली दवाएं बरामद हुई हैं। हालांकि परिवार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिल्डिंग किराए पर दी गई थी और इस अवैध कारोबार से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

पुलिस ने मौके से किराएदार विकास कुमार मौहरी को गिरफ्तार कर लिया है, जो कथित तौर पर लंबे समय से इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। बताया जा रहा है कि लगातार मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर ड्रग विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से यह बड़ी कार्रवाई की।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी भवन में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का कार्यालय भी किराए पर संचालित हो रहा था, जबकि ऊपर के हिस्से में गुप्त रूप से नकली और नशीली दवाओं का जखीरा रखा गया था।

विजय कुमार  ने बताया कि छापेमारी में भारी मात्रा में कफ सिरप, नींद की गोलियां और अन्य नशीली दवाएं बरामद की गई हैं, जिनका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जाता है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में इन दवाओं की सप्लाई की जा रही थी।जांच एजेंसियों के अनुसार बाहर से दवाएं मंगाकर यहां गुप्त रूप से स्टॉक किया जाता था और फिर अलग-अलग राज्यों में इसकी खेप भेजी जाती थी। बरामद दवाओं की कीमत और मात्रा का आकलन अभी जारी है।

पूछताछ में आरोपी विकास कुमार मौहरी ने यह भी स्वीकार किया है कि उसने हाल ही में दवा निर्माण और सप्लाई का कारोबार शुरू किया था। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।इस पूरे मामले ने एक बार फिर बिहार में नकली और नशीली दवाओं के बढ़ते काले कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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रिपोर्ट - मनोज कुमार