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Bihar News: गया के 735 गांवों में विकास का मिशन, लाखों परिवारों का सर्वे अधूरा, डीएम ने अफसरों को लगाई फटकार

Bihar News: अनुसूचित जाति बहुल गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की सरकारी मुहिम के बीच गया जिले में सर्वे की धीमी रफ्तार ने प्रशासन की पेशानी पर बल ला दिया है।

Bihar News: गया के 735 गांवों में विकास का मिशन, लाखों परिवा
बिहार में विकास का मिशन- फोटो : MANOJ

Bihar News: अनुसूचित जाति बहुल गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की सरकारी मुहिम के बीच गया जिले में सर्वे की धीमी रफ्तार ने प्रशासन की पेशानी पर बल ला दिया है। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत जिले के 24 प्रखंडों के 735 गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाना है, लेकिन अब तक बड़ी संख्या में परिवारों का सर्वे पूरा नहीं हो सका है।

जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में योजना की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने साफ कहा कि अनुसूचित जाति और वंचित वर्ग के परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

योजना के तहत चयनित 735 गांवों के 2,01,238 परिवारों में अब तक महज 49,108 परिवारों का सर्वे किया गया है। सर्वे की सुस्त रफ्तार पर डीएम ने नाराजगी जताई और सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि घर-घर सर्वे का काम तेजी से पूरा कराया जाए।सबसे खराब स्थिति कुछ प्रखंडों में सामने आई। डीएम के मुताबिक बांकेबाजार में महज 2 प्रतिशत, परैया में 6 प्रतिशत, इमामगंज और गुरुआ में 7-7 प्रतिशत, जबकि वजीरगंज और नीमचक बथानी में सिर्फ 14-14 प्रतिशत सर्वे पूरा हो सका है। इन आंकड़ों ने जमीनी स्तर पर चल रही कवायद की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीएम-अजय योजना के तहत प्रत्येक चयनित गांव के लिए केंद्र सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की विशेष राशि उपलब्ध कराई गई है। इस रकम को गांव की वास्तविक जरूरतों और ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर ऐसे विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा, जिससे पूरे गांव को स्थायी और व्यापक फायदा मिल सके।

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डीएम ने बताया कि जुलाई में प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग सर्वेक्षण दल गठित किए गए हैं। इन टीमों में स्वास्थ्य, शिक्षा, जीविका, जन वितरण प्रणाली, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल और स्वच्छता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं।टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर पात्र परिवारों की पहचान, सरकारी योजनाओं की जानकारी और ग्रामीणों की जरूरतों एवं सुझावों का संकलन कर रही हैं।

प्रशासन की योजना है कि सर्वे पूरा होते ही प्राप्त आंकड़ों और सुझावों का विश्लेषण किया जाए। इसके बाद गांव की सबसे जरूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए विकास योजनाओं का चयन होगा।डीएम ने अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई का निर्देश दिया है। अब असली चुनौती सर्वे की धीमी रफ्तार को तेज करने और सरकारी योजना का लाभ कागज से निकालकर गांव की चौखट तक पहुंचाने की है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार