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'6 करोड़ लखपति दीदी' के राष्ट्रीय संकल्प हेतु गयाजी में महामंथन,बिहार जीविका और अरुणाचल प्रदेश में MoU,बनेगा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'

देश भर में "6 करोड़ लखपति दीदी" बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए 5 वर्षीय रणनीति और डिजिटल MIS पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार जीविका और अरुणाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच MoU.

Bihar jeevika 6 crore lakhpati didi national workshop
गया में '6 करोड़ लखपति दीदी' बनाने के लिए 2 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न- फोटो : Reporter

देश की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए गया के बीपार्ड (BIPARD) में एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और बिहार की 'जीविका' संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृषि, गैर-कृषि आजीविका तथा डिजिटल प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) के लिए एक ठोस रणनीति और रोडमैप तैयार करना था। दो दिनों के गहन विचार-विमर्श के बाद, वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना और पांच वर्षीय दीर्घकालिक ब्लूप्रिंट के निर्माण के साथ इस कार्यशाला का सफल समापन हुआ।

देश भर के नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों का महाजुटान

इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में केंद्र और विभिन्न राज्यों के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (SRLMs) के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर अपने विचार साझा किए, जबकि बिहार ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, बीपार्ड की अपर महानिदेशक डॉ. सफीना ए. एन., संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा, और जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से सत्रों का नेतृत्व किया। इनके अलावा अरुणाचल प्रदेश और देश के अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों, गेट्स फाउंडेशन के विशेषज्ञों तथा विकास सहयोगियों ने कृषि एवं गैर-कृषि उद्यमों के जरिए महिलाओं की आय दोगुनी करने की दिशा में गंभीर मंथन किया।

उद्घाटन सत्र: महिला सशक्तिकरण की नई आधारशिला

कार्यशाला के पहले दिन का शुभारंभ राष्ट्रगीत, दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्रीमती अनन्या सिंह ने राज्यों के बीच ज्ञान और सफल मॉडलों के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर बल दिया। इसके बाद, केंद्रीय निदेशक (ग्रामीण आजीविका) श्रीमती राजेश्वरी एस. एम. ने इस अभियान को देश की आधी आबादी के आर्थिक स्वावलंबन का राष्ट्रीय आंदोलन बताया। वहीं, प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार ने जोर देकर कहा कि विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण (कन्वर्जेंस), नवाचार और बाजार की मांग के अनुरूप आजीविका के साधन विकसित करना ही 6 करोड़ लखपति दीदी के लक्ष्य की असली आधारशिला बनेगा।

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तकनीकी सत्र और डिजिटल गवर्नेंस (MIS) पर विशेष जोर

उद्घाटन सत्र के बाद, प्रतिभागियों को कृषि आजीविका, गैर-कृषि आजीविका और प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) पर तीन समानांतर तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया। इन सत्रों में राज्यों ने कृषि-उद्यम, मूल्य श्रृंखला (Value Chain) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग पर अपने सफल मॉडलों को साझा किया। दूसरे दिन, राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई (NMMU) की टीम के साथ नीतिगत सुधारों पर चर्चा हुई। एमआईएस रणनीति पर विशेषज्ञों ने डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सभी राज्यों के डेटा एकीकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, ताकि लखपति दीदियों की प्रगति को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा सके।

ऐतिहासिक समझौता (MoU), पुस्तक विमोचन और 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'

इस कार्यशाला के दौरान ग्रामीण विकास के व्यावहारिक पहलुओं पर आधारित एक महत्वपूर्ण पुस्तक "Fostering Pathways for Rural Transformation" का विमोचन किया गया। इसके साथ ही, बिहार की 'जीविका' और 'अरुणाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन' के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो दोनों राज्यों के बीच ज्ञान और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देगा। केंद्रीय संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा ने आगे की राह दिखाते हुए लखपति दीदियों के क्षमता निर्माण और कौशल विकास के लिए देश में एक समर्पित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों के साथ साझा संकल्प और समापन

कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव  रोहित कंसल ने हाल ही में हासिल किए गए 3 करोड़ लखपति दीदी के ऐतिहासिक लक्ष्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों की सामूहिक शक्ति के बल पर देश जल्द ही 6 करोड़ के नए लक्ष्य को भी समयबद्ध तरीके से हासिल कर लेगा। उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रसिद्ध कविता “हम कौन थे, क्या हो गए हैं और क्या होंगे अभी” के माध्यम से सभी प्रतिनिधियों को प्रेरित किया। अंत में, सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने लखपति दीदी डैशबोर्ड का नियमित उपयोग करने, नई तकनीकों को अपनाने और महिलाओं की स्थायी आय सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प लिया।

रिपोर्ट- पुष्कर प्रवीण