LATEST NEWS

  • Sonepur Mela
  • Sonepur Mela: सोनपुर मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 7 स्वास्थ्य शिविर और 9 जगहों पर रहेंगी एंबुलेंस

  • Bihar Skilled Youth
  • Bihar Skilled Youth: बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी! 1,609 केंद्रों पर शुरू होगा डिजिटल मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • Bihar Education
  • Bihar Education: सारण की शिक्षिका सुभद्रा भवानी बनीं राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर, शिक्षकों को देंगी खास ट्रेनिंग

  • Munger toto dispute
  • Munger toto dispute: मुंगेर में ई-रिक्शा लगाने को लेकर दो पक्षों में मारपीट, टोटो चालक समेत 3 घायल,

  • Bihar Cyclonic storm
  • Bihar Cyclonic storm: बिहार में आंधी-बारिश ने किसानों पर बरपाया कहर, खेतों में बिछी तैयार धान की

दशरथ मांझी महोत्सव में शामिल हुए विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, 'माउंटेन मैन' को अर्पित की श्रद्धांजलि

दशरथ मांझी महोत्सव में शामिल हुए विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार
दशरथ मांझी महोत्सव में शामिल हुए विस अध्यक्ष- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले के गहलौर स्थित ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित दशरथ मांझी महोत्सव में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने 'माउंटेन मैन' बाबा दशरथ मांझी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि दशरथ मांझी जी का जीवन अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर संघर्ष और जनसेवा की एक अनुपम प्रेरणादायी गाथा है।

साधनों से बड़ा संकल्प: सीमित संसाधनों में अकेले काट डाला विशाल पहाड़ 

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दशरथ मांझी जी के पास न तो कोई आधुनिक मशीनें थीं और न ही आर्थिक संसाधन, लेकिन उनके पास समाज हित में कुछ कर गुज़रने का अटूट जुनून था। उन्होंने अकेले अपने छैनी-हथौड़े के बल पर वर्षों की अनवरत मेहनत से विशाल पहाड़ का सीना चीरकर ऐसा रास्ता बनाया, जिसने गहलौर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के आवागमन को आसान बना दिया। उनका यह कार्य कर्मयोग की अद्भुत मिसाल है।

Goal 2026

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत: सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता 

युवाओं को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने आह्वान किया कि वे दशरथ मांझी जी के जीवन से अनुशासन, कड़ी मेहनत और ईमानदारी का पाठ सीखें। उन्होंने कहा कि सफलता पाने का कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं होता। युवाओं को अपनी क्षमता और कौशल का प्रयोग व्यक्तिगत उन्नति के साथ-साथ समृद्ध और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में करना चाहिए, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

समाज परिवर्तन का मूल मंत्र: तीन बातों को जीवन में उतारने का संदेश 

डॉ. प्रेम कुमार ने दशरथ मांझी जी के जीवन से तीन मुख्य मंत्र ग्रहण करने का संदेश दिया—संकल्प को मजबूत रखना, परिश्रम को अपना साथी बनाना और जीवन को जनसेवा से जोड़ना। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी केवल बिहार के नहीं बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उन्होंने साबित कर दिखाया कि गरीबी या संसाधनों की कमी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती।

NSIT
Nsmch

मनोज की रिपोर्ट