LATEST NEWS

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

  • Bihar Mobile Users
  • Bihar Mobile Users:आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं? घर बैठे ऐसे करें चेक, फर्जी नंबर

  • Bihar E Cabinet
  • Bihar Cabinet Meeting: मंत्रियों के हाथ में होगी डिजिटल फाइल,बिहार में अब ऐसे होगी कैबिनेट की बैठक

  • Bihar Ration Card
  • Bihar Ration Card:बिहार में 35 लाख से ज्यादा राशन कार्ड रद्द! चेक कर लीजिए लिस्ट में आपका

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

एसडीपीओ मैडम बुरी तरह फंस गईं, गाज गिरना तय! अब देनी होगी जवाबदेही,गिनती शुरू

Bihar News: बिहार पुलिस महकमे में एक बार फिर अनुशासनहीनता और लापरवाही को लेकर बड़ा एक्शन सामने आया है।राज्य सरकार ने एक एसडीपीओ के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

SDPO Jyoti Kumari
एसडीपीओ मैडम बुरी तरह फंस गईं- फोटो : social Media

Bihar News: बिहार पुलिस महकमे में एक बार फिर अनुशासनहीनता और लापरवाही को लेकर बड़ा एक्शन सामने आया है। दरभंगा जिले के कमतौल अनुमंडल की एसडीपीओ ज्योति कुमारी पर गंभीर आरोप लगते हुए राज्य सरकार ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

गृह विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक ज्ञापन जारी कर दिया गया है, जिसके तहत बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के नियम 17(3)(4) के अंतर्गत जांच की जाएगी। मामला केवटी थाना क्षेत्र के कांड संख्या 150/24 और 151/24 की जांच में बरती गई कथित लापरवाही और अनियमितता से जुड़ा है।

पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) की जांच रिपोर्ट में एसडीपीओ ज्योति कुमारी को अनुशासनहीनता और मनमाने व्यवहार का दोषी माना गया है। आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवक के कर्तव्यों और आचार संहिता का उल्लंघन किया है। गृह विभाग की कार्रवाई महज औपचारिकता नहीं, बल्कि संकेत है कि सरकार अब कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के मूड में है।

सरकार ने उन्हें निर्देश दिया है कि पंद्रह दिनों के भीतर वे अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत करें, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके। इस घटनाक्रम ने पूरे दरभंगा प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है।

NSIT
Nsmch

तेजतर्रार अफसर मानी जाने वाली ज्योति कुमारी के खिलाफ यह कार्रवाई सिर्फ प्रशासनिक नहीं, सार्वजनिक छवि और विभागीय भरोसे के लिए भी बड़ा झटका मानी जा रही है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो निलंबन या सेवा से हटाने तक की कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह मामला बिहार पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है, जहां सरकार अब “शून्य सहिष्णुता” की नीति पर चलते हुए एक के बाद एक कड़े फैसले ले रही है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ज्योति कुमारी क्या जवाब देंगी और जांच की दिशा क्या मोड़ लेगी। प्रशासनिक गलियारों में यह मामला एक “टेस्ट केस” की तरह देखा जा रहा है।