LATEST NEWS

  • इस आईपीएस अधिकारी को वरीय समय वेतनमान में मिली प्रोन्नति, गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा अधिसूचना जारी
  • इस आईपीएस अधिकारी को वरीय समय वेतनमान में मिली प्रोन्नति, गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा अधिसूचना जारी

  • Ranbir Kapoor watch collection
  • Ranbir Kapoor watch collection: रणबीर कपूर के पास हैं करोड़ों की घड़ियां, जानें जैकब एंड कंपनी से पाटेक

  • वैशाली में भीषण सड़क हादसा: मरीज पहुंचाकर लौट रही एम्बुलेंस और ट्रक में टक्कर, चालक समेत दो गंभीर रूप से घायल
  • वैशाली में भीषण सड़क हादसा: मरीज पहुंचाकर लौट रही एम्बुलेंस और ट्रक में टक्कर, चालक समेत दो गंभीर

  • Bihar legislative council
  • Bihar legislative council: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान के बीच तेजस्वी का हमला, बोले- वोट

  • कुंदन हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता : एक आरोपी गिरफ्तार एक विधि-विरुद्ध निरुद्ध, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद
  • कुंदन हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता : एक आरोपी गिरफ्तार एक विधि-विरुद्ध निरुद्ध, हत्या में प्रयुक्त

LNMU में रिटायर्ड प्रोफेसर का बगावत वाला अनशन, पांच मांगों पर अड़े अनशनकारी, विश्वविद्यालय प्रशासन पर बढ़ा दबाव

Bihar News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त प्रोफेसर का अनिश्चितकालीन धरना और अनशन अब तूल पकड़ता जा रहा है। ...

LNMU Retired Professor Begins Indefinite Hunger Strike Over
रिटायर्ड प्रोफेसर का बगावत वाला अनशन- फोटो : reporter

Bihar News:  ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में सेवानिवृत्त प्रोफेसर का अनिश्चितकालीन धरना और अनशन अब तूल पकड़ता जा रहा है। सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. नंद लाल पासवान अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी शौक का नहीं, बल्कि उनकी मजबूरी और लाचारी का नतीजा है। जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस और अंतिम फैसला नहीं करता, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग समीक्षा समिति के जांच प्रतिवेदन में प्रस्तावित सेवा सामंजन की प्रभावी तिथि के आधार पर समीक्षात्मक अधिसूचना जारी करने की है।दूसरी मांग में सेवा सामंजन की प्रभावी तिथि के आधार पर बकाया राशि की गणना कर उसका मांग पत्र बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग, पटना को भेजने की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की गई है।तीसरी मांग नियुक्ति सेल से जुड़े एक पत्र को लेकर है। प्रोफेसर ने 7 अगस्त 2018 के प्रस्तावित पत्रांक SC/7683/18 की स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।चौथी मांग सबसे गंभीर है। इसमें एमएलएसएम कॉलेज, दरभंगा के राजनीति विज्ञान विषय से जुड़े सरकारी अभिलेखों में कथित हेराफेरी और S/R रिक्त पदों से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही नियुक्ति सेल के संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी उठाई गई है।पांचवीं मांग क्लेम सेल संचिका संख्या 5759/26 में प्रस्तावित पुत्री के विवाह के लिए अग्रिम राशि का भुगतान सुनिश्चित कराने से जुड़ी है।

डॉ. पासवान का आरोप है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और बार-बार गुहार लगाने के बावजूद निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्होंने अनशन को अपना अंतिम रास्ता बताया है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। एक तरफ सेवानिवृत्त शिक्षक अपनी मांगों को लेकर अनशन पर डटे हैं, वहीं दूसरी ओर गंभीर आरोपों की जांच और लंबित वित्तीय मामलों पर जवाबदेही का सवाल खड़ा हो गया है। मांगों पर ठोस फैसला होता है या अनशन और लंबा खिंचता है अब निगाह विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर है।

रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर