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जीविका दीदियों के ऋण पर नीतीश सरकार ने की 3 फीसदी की कमी, जदयू नेता श्याम जी वर्मा ने की फैसले की सराहना, महिला सशक्तिकरण की दिशा में बताया ऐतिहासिक कदम

Bihar Politics : जीविका दीदियों के ऋण पर ब्याज दर कम किये जाने के बाद जदयू नेता श्याम जी वर्मा ने इस फैसले का स्वागत किया है.....पढ़िए आगे

जीविका दीदियों के ऋण पर नीतीश सरकार ने की 3 फीसदी की कमी, जद
सीएम नीतीश की सराहना - फोटो : SANDIP

BUXAR : बिहार सरकार द्वारा जीविका दीदियों के 3 लाख से ज्यादा के कर्ज पर ब्याज दर 10% से घटाकर 7% कर दी गई है। इस घोषणा के बाद राज्य में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। यह निर्णय महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार के इस फैसले का समाज के विभिन्न वर्गों से स्वागत हो रहा है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मीडिया सेल के प्रदेश महासचिव सह प्रमंडल प्रभारी श्याम जी वर्मा ने इस निर्णय को "ऐतिहासिक" बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य की लाखों जीविका दीदियों के परिश्रम, समर्पण और योगदान का सम्मान है।

महिलाओं के आत्मबल और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

वर्मा के अनुसार सरकार द्वारा ऋण पर ब्याज में छूट देने की घोषणा भी एक बड़ा निर्णय है, जो जीविका दीदियों को आत्मनिर्भर बनने और छोटे पैमाने पर उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे महिलाओं के आत्मबल और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लाखों महिलाएं जीविका कार्यक्रम से जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों, बैंकिंग सेवाओं और पंचायत स्तर की अन्य गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। सरकार के इस निर्णय से इन्हें सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह निर्णय महिला मतदाताओं को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, लेकिन इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि इससे दीदियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे अपने परिवार की आजीविका में और अधिक योगदान दे सकेंगी। बहरहाल बिहार सरकार का यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि जमीनी स्तर पर इस फैसले का कार्यान्वयन कितना प्रभावी होता है और जीविका दीदियों के जीवन में यह कितना ठोस बदलाव लाता है।

बक्सर से संदीप की रिपोर्ट