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Love Story : सच्चे प्रेम और हौसले की अनूठी मिसाल, रेल हादसे में दोनों हाथ गंवाने वाले बक्सर के दीपक को मिला आगरा की सोना का साथ

Love Story : बक्सर के दीपक की जिंदगी में एक ऐसा नया सवेरा आया है, जिसने दुनिया के सामने सच्चे प्रेम, समर्पण और हौसले की एक अनूठी मिसाल पेश की है......पढ़िए आगे

Love Story : सच्चे प्रेम और हौसले की अनूठी मिसाल, रेल हादसे
इश्क की अनूठी मिसाल - फोटो : SANDIP

BUXAR : कहते हैं कि जब जिंदगी सब कुछ छीन लेती है, तब उम्मीद की एक छोटी-सी किरण भी नया सवेरा बन जाती है। बक्सर जिले के पुराना भोजपुर निवासी दीपक कुमार की जिंदगी भी कुछ ऐसी ही रही। एक रेल हादसे ने उनसे उनके दोनों हाथ छीन लिए, लेकिन उनका आत्मविश्वास नहीं छीन सका। और शायद यही हौसला उन्हें उस मुकाम तक ले गया, जहां उन्हें जीवनसाथी के रूप में ऐसा प्यार मिला जिसने दुनिया की हर कसौटी को पीछे छोड़ दिया। कुछ समय पहले तक दीपक अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए गुजरात के राजकोट में एक सूटकेस कंपनी में काम करते थे। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बनने वाले दीपक ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि एक हादसा उनकी पूरी जिंदगी बदल देगा। अप्रैल 2025 में घर लौटते समय ट्रेन दुर्घटना में उनके दोनों हाथ कट गए। लंबा इलाज चला, लाखों रुपये खर्च हुए और जिंदगी अचानक दूसरों के सहारे पर आ गई।

ऐसे कठिन दौर में बहुत से लोग टूट जाते हैं, लेकिन दीपक ने हार मानने के बजाय खुद को फिर से खड़ा करने का फैसला किया। गांव लौटने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उन्होंने अपनी संघर्षभरी जिंदगी, हौसले और आत्मविश्वास की कहानी लोगों तक पहुंचानी शुरू की। धीरे-धीरे उनके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचने लगे और उनकी सकारात्मक सोच लोगों के लिए प्रेरणा बन गई। इसी दौरान आगरा की रहने वाली सोना मोहरिया की नजर दीपक की प्रोफाइल पर पड़ी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता विश्वास, अपनापन और फिर प्रेम में बदल गया। सोना ने दीपक की शारीरिक कमी नहीं, बल्कि उनके जज्बे, आत्मसम्मान और संघर्ष को देखा। यही वह बात थी जिसने उन्हें दीपक का जीवनसाथी बनने का निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।

समाज क्या कहेगा, लोग कैसे देखेंगे—इन सवालों से ऊपर उठकर दोनों ने पहले कोर्ट मैरिज की और बाद में पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह कर लिया। दीपक के परिवार ने इस रिश्ते को खुशी-खुशी स्वीकार किया। हालांकि, सोना के परिवार ने शुरुआत में इस फैसले का समर्थन नहीं किया, लेकिन सोना अपने निर्णय पर अडिग रहीं। सोना का एक वाक्य आज हजारों लोगों के दिल को छू रहा है। उनका कहना है, "दीपक जैसे भी हैं, मेरे हैं। अगर जिंदगी में नमक-रोटी भी मिले, तो भी मैं उनके साथ खुशी-खुशी पूरी जिंदगी निभाऊंगी।" यह सिर्फ एक वादा नहीं, बल्कि उस प्रेम की मिसाल है जो स्वार्थ नहीं, समर्पण पर टिका होता है।

वहीं दीपक भी मानते हैं कि जिंदगी ने उनसे बहुत कुछ छीना है, लेकिन बदले में उन्हें ऐसा साथ दिया है, जिसकी कीमत किसी दौलत से नहीं लगाई जा सकती। आज सोशल मीडिया पर लाखों लोग उनके संघर्ष और सकारात्मक सोच से प्रेरणा ले रहे हैं। गौरतलब है कि यह कहानी सिर्फ एक शादी की नहीं, बल्कि उस अटूट विश्वास की है जो बताती है कि सच्चा प्रेम चेहरे, रूप या शरीर से नहीं, बल्कि इंसान के हौसले, चरित्र और दिल से होता है। जब दुनिया कमियां गिनाने में लगी रहती है, तब कोई एक इंसान अगर आपकी खूबियों को पहचान ले, तो वही रिश्ता जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। दीपक और सोना की कहानी इसी ताकत का जीवंत उदाहरण है।

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संदीप की रिपोर्ट