LATEST NEWS

  • मधुबनी में सनसनीखेज वारदात : प्रेमी ने  22 वर्षीय नवविवाहिता पूर्व प्रेमिका को चाकू से गोदकर उतारा मौत के घाट, गांव में तनाव
  • मधुबनी में सनसनीखेज वारदात : प्रेमी ने 22 वर्षीय नवविवाहिता पूर्व प्रेमिका को चाकू से गोदकर उतारा

  • Bihar Crime:शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक के गुप्त तहखाने से 45 लाख की विदेशी शराब बरामद
  • Bihar Crime:शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक के गुप्त तहखाने से 45 लाख की विदेशी शराब बरामद

  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के बाद पंचायत समिति पति हिरासत मे
  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के

  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर
  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर

  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे मदद,  मानवीय पहल की लोग कर रहे सराहना
  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे

बाबूगिरी पर डीएम की स्ट्राइक: बायोमेट्रिक हाजिरी से ही मिलेगा वेतन, शिक्षा विभाग में अब भी 'मैनुअल' मनमानी, , डीईओ बोले- हम पर नियम लागू नहीं

सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी और कामचोरी पर लगाम लगाने के लिए डीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। 15 जनवरी से बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है, ऐसा न करने पर वेतन कटेगा। हालांकि, शिक्षा विभाग के अलग 'सुर' ने आदेश पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाबूगिरी पर डीएम की स्ट्राइक: बायोमेट्रिक हाजिरी से ही मिलेग

Buxar - जिला प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिला पदाधिकारी (डीएम) साहिला ने सख्त आदेश जारी करते हुए बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) को अनिवार्य कर दिया है। अब समय पर अंगूठा नहीं लगाया, तो महीने की कमाई पर कैंची चलना तय है। 

15 जनवरी 'डेडलाइन', लापरवाही पर सीधा एक्शन

डीएम साहिला द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि वे खुद और अपने मातहत कर्मियों की उपस्थिति बीबीएएस के जरिए दर्ज कराएं।

  • वेतन पर वार: यदि कोई कर्मी बायोमेट्रिक अटेंडेंस नहीं बनाता है, तो उस दिन का वेतन या मानदेय सीधे काट लिया जाएगा।

  • ससमय उपस्थिति: वेतन का भुगतान केवल ससमय दर्ज की गई उपस्थिति के आधार पर ही होगा।

  • NSIT
    Nsmch

    नाराजगी: पूर्व में दिए गए आदेशों की अनदेखी को जिला प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है। 


  • शिक्षा विभाग की 'विद्रोही' चाल: "हमारे लिए नहीं है आदेश"

  • एक तरफ डीएम पूरे जिले में पारदर्शिता की बात कर रही हैं, वहीं शिक्षा विभाग के सुर कुछ और ही हैं। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग में आज भी बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनाई जाती। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संदीप रंजन ने इस बात की पुष्टि तो की, लेकिन डीएम के आदेश पर अजीब तर्क दिया। डीईओ का कहना है कि "डीएम का यह आदेश केवल समाहरणालय (Collectorate) के अधिकारियों और कर्मियों के लिए है।" शिक्षा विभाग की यह दलील प्रशासनिक तालमेल और नियम की एकरूपता पर बड़े सवाल खड़े करती है। 


  • जवाबदेही तय करने की बड़ी कोशिश

प्रशासन का मानना है कि इस कड़ाई से कार्य संस्कृति में सुधार आएगा और 'बाबू' समय पर दफ्तर पहुंचेंगे। लेकिन शिक्षा विभाग जैसे बड़े महकमे का इस नियम से खुद को बाहर रखना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि 15 जनवरी के बाद डीएम की सख्ती केवल कागजों तक रहती है या शिक्षा विभाग के 'बागी' अधिकारियों पर भी गाज गिरती है।