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Bhagalpur Mausam: सर्दी का अटैक! भागलपुर स्मार्ट सिटी शीतलहर के ICU में, 4.6 डिग्री पर ठिठुरा जनजीवन

Bhagalpur Mausam: भागलपुर स्मार्ट सिटी में ठंड ने एक बार फिर अपना विकराल और खतरनाक रूप दिखाना शुरू कर दिया है।

Bhagalpur Mausam
भागलपुर स्मार्ट सिटी शीतलहर के ICU में,- फोटो : reporter

Bhagalpur Mausam: भागलपुर स्मार्ट सिटी में ठंड ने एक बार फिर अपना विकराल और खतरनाक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शीतलहर और घने कोहरे के कॉम्बिनेशन ने पूरे शहर को मानो मौसमीय ICU में पहुंचा दिया है, जहां सामान्य जनजीवन हाइपोथर्मिया जैसी स्थिति से जूझता नजर आ रहा है। मंगलवार को जहां खिली धूप से कुछ राहत मिली थी, वहीं बुधवार की सुबह सिल्क सिटी भागलपुर घने कोहरे और धुंध की मोटी चादर में पूरी तरह लिपटी दिखाई दी।

इस बार ठंड ने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। सबौर में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य मैदानी इलाकों के लिए बेहद असामान्य माना जा रहा है। यह तापमान कई पहाड़ी क्षेत्रों, यहां तक कि जम्मू जैसे ठंडे इलाकों से भी कम बताया जा रहा है। पूरे बिहार में कोल्ड वेव का प्रकोप जारी है और भागलपुर सूबे के सबसे ठंडे जिलों में शुमार हो गया है।

सुबह के वक्त घना कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी लगभग शून्य के करीब पहुंच गई। सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर गाड़ियां चलानी पड़ीं। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, मजदूर और रोजमर्रा की ज़रूरतों के लिए निकलने वाले लोग ठंडी हवाओं और कोहरे के डबल अटैक से बेहाल दिखे। यह हालात किसी मौसमीय इमरजेंसी से कम नहीं लग रहे।

मौसम के बदले मिजाज का सीधा असर रेल और सड़क यातायात पर भी पड़ा है। सुबह के समय कई ट्रेनें देरी से चलीं, जबकि हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए। ठंडी, सिहरन पैदा करने वाली हवाओं ने लोगों को मजबूर कर दिया है कि वे ऊनी कपड़ों को अपनी पहली दवा समझें। बाजारों में टोपी, दस्ताने, जैकेट और गर्म कपड़ों की मांग अचानक बढ़ गई है।

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ठंड का सबसे गंभीर साइड इफेक्ट गरीबों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है, जिनमें सर्दी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। रात में तापमान और गिरने से लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से चौक-चौराहों पर अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह इंतज़ाम जरूरत के मुकाबले नाकाफी बताया जा रहा है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है। ऐसे में यह जरूरी है कि प्रशासन अलर्ट मोड में रहे और आम लोग भी लापरवाही छोड़कर खुद को ठंड के इस जानलेवा असर से बचाने के लिए पूरी सतर्कता बरतें।

रिपोर्ट - अंजनी कुमार कश्यप