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“सबका सम्मान–जीवन आसान” के तहत लगभग 11 मामलों की हुई सुनवाई, शिकायतों का हुआ विधिवत डिजिटल पंजीकरण

“सबका सम्मान–जीवन आसान” के तहत लगभग 11 मामलों की हुई सुनवाई,
विशेष जनसुनवाई में डीएम ने सुनी लोगों की समस्याएं- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “7 निश्चय-3 : बढ़ेगा अपना बिहार” के तहत आम नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। इस योजना के अंतर्गत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)” कार्यक्रम के तहत सोमवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में एक विशेष जनसुनवाई सह समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता खुद भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की, जिन्होंने सुदूर क्षेत्रों से आए फरियादियों की शिकायतों को सीधे सुना और उनके त्वरित निष्पादन का खाका तैयार किया।


लंबित पेंशन और भूमि विवाद से जुड़े 11 आवेदनों पर गंभीर मंथन

समीक्षा भवन में आयोजित इस उच्च स्तरीय सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन के समक्ष लगभग 11 गंभीर आवेदनों को प्रस्तुत किया गया। इन मामलों में मुख्य रूप से बुजुर्गों और असहायों की लंबे समय से लंबित पड़ी पेंशन, गांवों में होने वाले आपसी भूमि विवाद तथा आमजन की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। जिलाधिकारी ने एक-एक आवेदन पर संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को इन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और पूरी तरह निष्पक्ष निष्पादन करने हेतु कड़े आवश्यक निर्देश जारी किए।


थाना से लेकर प्रखंड और अंचल स्तर तक सुनी गईं आम जनता की समस्याएं

इस विशेष अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह सुनवाई केवल जिला मुख्यालय तक ही सीमित नहीं रही। जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में इसी अवसर पर जिले के तमाम प्रखंड, अंचल, स्थानीय थाना एवं अन्य सभी प्रमुख विभागीय कार्यालयों में भी “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत जमीनी स्तर पर जनसुनवाई की गई। संबंधित विभागों के प्रभारियों और अंचलाधिकारियों (सीओ) ने अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर स्थानीय लोगों की सामूहिक और व्यक्तिगत समस्याएं सुनीं तथा मौके पर ही उनके समाधान की दिशा में ठोस कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की।


शिकायतों का हुआ विधिवत डिजिटल पंजीकरण, फरियादियों को मिली रसीद

प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम के तहत प्राप्त सभी 11 शिकायतों का विधिवत कंप्यूटरीकृत पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) किया गया। इसके साथ ही सभी आवेदकों को उनके मामले की एक आधिकारिक प्राप्ति रसीद (एक्नॉलेजमेंट स्लिप) भी हाथों-हाथ उपलब्ध कराई गई, ताकि वे भविष्य में अपने आवेदन की स्थिति की ट्रैकिंग कर सकें। इसके अलावा, कड़ी धूप और गर्मी को देखते हुए समाहारणालय प्रशासन द्वारा समीक्षा भवन में आने वाले आमजन की सुविधा के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, ठंडे व शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाएं भी कड़ाई से सुनिश्चित की गई थीं।

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सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी प्रशासनिक पहल

भागलपुर जिला प्रशासन की ओर से आयोजित यह व्यापक जनसुनवाई कार्यक्रम राज्य सरकार के सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इसके माध्यम से न केवल आम नागरिकों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट और त्वरित समाधान हो रहा है, बल्कि जनता और शासन के बीच का विश्वास भी और अधिक मजबूत हो रहा है। जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पारदर्शी व्यवस्था की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि निचले स्तर के अधिकारी भी इस अभियान को पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे।

बालमुकुंद की रिपोर्ट