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BPSC 72वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर हाईलेवल मीटिंग: 26 जुलाई को 996 केंद्रों पर परीक्षा, कदाचार करने वालों पर होगी सीधे FIR

BPSC 72वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर हाईलेवल मीटिंग: 26 जुला
BPSC 72वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर हाईलेवल मीटिंग- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आगामी 26 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बीपीएससी के अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM), वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए, जिन्हें परीक्षा को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।


996 केंद्रों पर बैठेंगे 5.15 लाख अभ्यर्थी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

समीक्षा बैठक के दौरान आधिकारिक आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस बार राज्यभर के कुल 996 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 5.15 लाख अभ्यर्थी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा के इतने बड़े पैमाने और संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने सभी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस कप्तानों को समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आयोग कदाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहिष्णुता) की नीति पर काम कर रहा है।


मुख्य गेट पर ही होगा बायोमेट्रिक सत्यापन, समय को लेकर बरती जाएगी सख्ती

परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बैठक में कई कड़े सुरक्षा मानकों को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं:

  • मल्टीलेवल फ्रिस्किंग: सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन और बहुस्तरीय जांच (फ्रिस्किंग) की जाएगी।
  • नो-एंट्री जोन: परीक्षा केंद्र परिसर में परीक्षार्थियों और अधिकृत वीक्षकों/कर्मियों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
  • गेट पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: परीक्षा केंद्रों के भीतर अनावश्यक भीड़ से बचने और सुव्यवस्थित प्रवेश के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर ही पूरी की जाएगी।
  • कड़े समय नियम: निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। समय के अनुपालन में पूरी कठोरता बरती जाएगी।


संवेदनशील केंद्रों पर रहेगी पैनी नजर, भारी मात्रा में तैनात होगा पुलिस बल

लॉ एंड ऑर्डर और अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों (मैजिस्ट्रेट), पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने का आदेश दिया गया है। आयोग ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि जो केंद्र पूर्व के रिकॉर्ड के आधार पर संवेदनशील श्रेणी में आते हैं, वहां विशेष निगरानी दल और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा जाए। परीक्षा केंद्रों के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी पुलिस बल मुस्तैद रहेगा।


नकल करने या अफवाह फैलाने पर सीधे जेल और भविष्य की परीक्षाओं से डिबार

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आयोग ने कदाचार में लिप्त पाए जाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई अभ्यर्थी, वीक्षक या अन्य कोई बाहरी व्यक्ति परीक्षा में नकल करने, अनुचित साधनों का प्रयोग करने अथवा परीक्षा की गोपनीयता (क्वेश्चन पेपर या डिजिटल माध्यम से) को भंग करने की कोशिश में पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। इसके साथ ही, बीपीएससी के नियमों के तहत ऐसे दागी उम्मीदवारों को भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं से हमेशा के लिए डिबार (प्रतिबंधित) कर दिया जाएगा।

बालमुकुंद की रिपोर्ट