LATEST NEWS

  • Naubatpur Traffic
  • Naubatpur Traffic: पटना के नौबतपुर में ट्रैफिक जाम पर उठे सवाल, CCTV फुटेज जांचने की मांग

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

  •  credit card
  • credit card: दिवाली पर HDFC, SBI, ICICI और Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर छूट,

  • Kylie jenner
  • Kylie jenner: 4410 हीरे और 1,000 घंटे की मेहनत, जानें काइली जेनर की फैंटेसी ब्रा की खासियत

  • IT companies hiring
  • IT companies hiring: IT सेक्टर में लौटी भर्ती की रफ्तार, 5 बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

गंगा के रौद्ररुप से लोग कर रहे त्राहिमाम, भागलपुर में बढ़ रहा लगातार जलस्तर, बाढ़ से पहले नाव बनाने में जुटे ग्रामीण

Bihar Flood News: भागलपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।...

Bhagalpur Villagers Build Boats as Ganga Water Level Rises
गंगा के रौद्ररुप से लोग कर रहे त्राहिमाम- फोटो : social Media

Bihar Flood News: भागलपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोग अभी से तैयारी में जुट गए हैं। खासकर सबौर प्रखंड की रजनदीपुर पंचायत के संत नगर गांव में कई परिवार लकड़ी की नाव बनाने का काम तेजी से कर रहे हैं, ताकि बाढ़ आने की स्थिति में आवागमन, राहत और आजीविका की समस्या से निपटा जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ उनके जीवन का हिस्सा बन जाती है। ऐसे में नाव उनके लिए केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवनरक्षक और रोज़गार का प्रमुख माध्यम भी है। बाढ़ के दौरान यही नाव लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, खाद्यान्न और जरूरी सामान ढोने, बीमारों को अस्पताल पहुंचाने तथा अन्य लोगों को नदी पार कराने के काम आती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, एक मजबूत लकड़ी की नाव तैयार करने में करीब 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता है। महंगी लकड़ी, मजदूरी और अन्य सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण नाव बनाना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। इसके बावजूद ग्रामीण हर साल यह खर्च उठाने को मजबूर हैं, क्योंकि बाढ़ के समय यही नाव उनके परिवार की सुरक्षा और आय का सबसे बड़ा सहारा बनती है।

संत नगर के ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बाढ़ का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इसलिए वे समय रहते नाव तैयार कर लेना चाहते हैं, ताकि आपदा आने पर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कई परिवार सामूहिक रूप से भी नाव तैयार करा रहे हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर पूरे गांव के लोग इसका उपयोग कर सकें।

NSIT
Nsmch

ग्रामीणों ने प्रशासन से भी समय रहते बाढ़ सुरक्षा के इंतजाम, राहत सामग्री, ऊंचे स्थानों पर शरण शिविर और नावों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बाढ़ से जनजीवन प्रभावित होता है, इसलिए पूर्व तैयारी और प्रशासनिक सहयोग से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि तटवर्ती इलाकों के लोग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।