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Bihar crime news: पानी के टैंक में संदिग्ध हालत में युवक का शव मिलने से सनसनी, मां ने किराएदार पर लगाया हत्या का आरोप

Bihar crime news: भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र के खरमनचक मोहल्ले में पानी के टैंक से युवक का संदिग्ध हालत में शव बरामद। मां ने किराएदार पर हत्या का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी।

Bihar crime
Bihar crime - फोटो : News4nation

Bihar crime news: भागलपुर  के जोगसर थानाक्षेत्र के खरमनचक मोहल्ले में रविवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गयी, जब मोहल्ले के ही एक घर की पानी के टैंक में एक युवक का संदिग्ध अवस्था में शव लटका मिला। मृतक की पहचान 43 वर्षीय नीरज उर्फ रॉकी के रूप में हुई है, जो स्व. अर्जुन प्रसाद दास का बड़ा पुत्र बताया जा रहा है।

घटना को लेकर बताया जा रहा है कि नीरज शनिवार की शाम सात बजे अपनी मां आरती रानी दास को यह कहकर घर से निकला था कि वह थोड़ी देर में वापस लौट आएगा। लेकिन जब देर रात घर वापस नहीं आया तो मां की चिंता बढ़ गयी। मां ने बताया कि उनका पुत्र कब घर आया पता नहीं लेकिन सुबह किसी के चप्पल की आहट उन्हें जरूर सुनाई दी। दो पुत्र में नीरज बड़ा था जो खुद के साथ उसकी सेवा में लगा रहता था। दूसरा पुत्र पंकज कुमार जो अमरीका में जॉब करता है। चार वर्ष पूर्व सितंबर माह में पति अर्जुन दास की भी मौत अकस्मात हो गयी थी। उनकी भी मौत का कारण पता नहीं चला। 

कैसे मिली लाश?

पिता के गुजरने के बाद नीरज की जिम्मेदारी बढ़ गयी थी। शनिवार को एक रिश्तेदार की मौत के कार्यक्रम में सम्मिलित हो जल्द घर वापसी के लिए बोलकर निकला। लेकिन देर रात तक जब उसकी कोई सूचना नहीं मिली तो उन्होंने अमरीका में रह रहे अपने छोटे पुत्र पंकज को देर रात्रि 11 बजे मोबाइल फोन पर सूचना दी। फिर पंकज ने अपने केअर टेकर मनीष को देर रात 3 बजे कॉल किया। लेकिन मनीष ने उस वक्त कॉल रिसीव नहीं किया। अहले सुबह 6 बजे उसने यूएसए कॉल लगाया तो पंकज ने गुमशुदा भाई की खोजबीन के लिए मनीष को कहा। पंकज द्वारा बताए जगहों पर मनीष ने खोजबीन की, लेकिन निराश हो थक हारकर घर वापस आ गया। इसी बीच मृतक की मां ने मनीष को छत पर जाकर देखने को कहा और जब वह घर की तीन मंजिला छत पर पहुंचा तो पानी की टैंक में नीरज की नंग-धड़ंग अवस्था में पीठ के बल शरीर को उलटा लटका पाया। जिसका कमर से ऊपरी हिस्सा पानी मे और दोनों पांव बाहर लटका पाया गया। 

मौके पर पहुंची पुलिस

मनीष की सूचना पर जोगसर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को टैंक से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बहरहाल शव को देख यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का या फिर कोई हादसा ? लेकिन मृतक की मां लगातार बेटे की मौत पर सवाल खड़ी कर रही है ? उन्होंने अपने किराएदार पुरुषोत्तम शर्मा पर बेटे की हत्या करवाने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि 4 साल पूर्व पति की मौत का मामला भी रहस्य ही रह गया और आज बेटे की भी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गयी। 

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किराएदार का मकान में कब्जा

वह बताती है कि 8 साल से उसका किराएदार मकान में कब्जा जमाया हुआ है, जो न किराया देता है और न मकान ही खाली कर रहा। उसने किराएदार द्वारा भाड़े के गुर्गों से बेटे की हत्या करवाने की बात कही। बेटे की मौत से मर्माहत मां ने कहा कि पुलिस ने जिस प्रकार शव को पीठ के बल टैंक में उलटा लटका पाया है, उसे हादसा बताना कहीं से भी उचित प्रतीत नहीं होता। हालांकि पूरे मामले पर जब हमने मृतक के छोटे भाई पंकज से बात की तो उसने भी भाई की मौत पर आश्चर्य जताया और कहा कि वह लगातार थाना के बड़ा बाबू के सम्पर्क में है। 

फोरेंसिक टीम की मदद लिए बिना बॉडी को उतारने में जल्दबाजी

प्रथम दृष्टया भाई की मौत को लेकर जो जानकारी उसे मिल रही है, उससे कहीं न कहीं मौत का कारण दूसरी ओर भी इशारा कर रहा। अपने परिवार से किसी की अदावत नहीं होने की बात कहते हुए उसने बताया कि स्थानीय जोगसर पुलिस से घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बात जो भी हो मामला हत्या का हो या आत्महत्या या फिर कोई हादसा ही। लेकिन कहीं न कहीं बेटे और पति को खो चुकी पीड़ित मां का आरोप भी गम्भीर है, जो जांच के दायरे में भी आता है। लेकिन यहां तो जोगसर पुलिस की कार्यशैली भी जांच के दायरे में आ रही है। संदिग्ध हालात में उल्टे पड़े शव को बिना फोरेंसिक टीम की गैरमौजूदगी में टैंक से नीचे उतार लेना अनुसंधान की प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है। बड़ा सवाल है कि आखिर क्या कारण रहा कि पुलिस ने बिना फोरेंसिक टीम की मदद लिए बिना बॉडी को उतारने में जल्दबाजी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ?

भागलपुर से balmukund kumar कि रिपोर्ट