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Bihar Health Department: तबादले की फाइल या सियासी साज़िश? भागलपुर स्वास्थ्य महकमे के फेरबदल पर उठे सवाल, सियासी गलियारों में तेज हुई कानाफूसी

Bihar Health Department: स्वास्थ्य महकमे में दो प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों के तबादले ने अचानक चर्चाओं का ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है, जिसकी गूंज अब प्रशासनिक दफ्तरों से लेकर सियासी गलियारों तक सुनाई दे रही है।

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तबादले की फाइल या सियासी साज़िश- फोटो : BALMUKUND

Bhagalpur: स्वास्थ्य महकमे में दो प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों के तबादले ने अचानक चर्चाओं का ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है, जिसकी गूंज अब प्रशासनिक दफ्तरों से लेकर सियासी गलियारों तक सुनाई दे रही है। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी आदेश के तहत सीएचसी रंगरा में तैनात स्वास्थ्य प्रबंधक श्वेता कुमारी को नारायणपुर भेज दिया गया है, जबकि नारायणपुर में कार्यरत शंकर पासवान को रंगरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और एक सप्ताह के भीतर योगदान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

मामला महज एक प्रशासनिक तबादला होता तो शायद इतनी चर्चा नहीं होती, लेकिन इस फेरबदल के पीछे कई सवाल और कयास तैरने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के भीतर यह चर्चा गर्म है कि रंगरा में पदस्थापित श्वेता कुमारी का कुछ समय पहले जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन मंडल के साथ विवाद सामने आया था। बताया जाता है कि इस मामले को लेकर जांच की मांग भी की गई थी, लेकिन उस जांच का अंजाम क्या हुआ, यह अब तक रहस्य बना हुआ है।

यही वजह है कि तबादले की इस फाइल को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह आदेश उस दिन जारी हुआ, जब तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अपना कार्यभार नवपदस्थापित जिलाधिकारी अलंकृत पांडेय को सौंपा। सूत्रों की मानें तो कार्यभार हस्तांतरण के दिन कई अहम फाइलों पर अंतिम मुहर लगाई गई थी और स्वास्थ्य प्रबंधकों का यह तबादला भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था। ऐसे में अचानक हुए इस फेरबदल ने संदेह और सवालों की नई इबारत लिख दी है। अपराध की दुनिया में जिस तरह किसी वारदात के पीछे छिपे मकसद की तलाश होती है, उसी तरह इस तबादले के पीछे भी लोग असली वजह जानने को बेताब हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। लेकिन जब तक तमाम सवालों पर पर्दा नहीं उठता, तब तक यह तबादला स्वास्थ्य महकमे की सबसे चर्चित फाइल बना रहेगा।

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रिपोर्ट- बालमुकुंद शर्मा