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भागलपुर: विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने से बेपटरी हुई जिंदगी, नाव के सहारे हो रही दूल्हा-दुल्हन की विदाई

विक्रमशिला पुल बंद होने से भागलपुर जिले यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। आलम यह है शादी के इस मौसम में दुल्हन की विदाई की गाड़ी की जगह नाव काे सहारे हो रही है। जोखिम भरी यात्रा के बीच रस्में निभाने के लिए जिले के लोग

भागलपुर: विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने से बेपटरी हुई जिंद
भागलपुर में नाव बना सहारा- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

भागलपुर: जिले की लाइफ लाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पुल पर परिचालन पूरी तरह बंद होने के कारण भागलपुर और नवगछिया के बीच का संपर्क कट गया है, जिससे अब लोगों को गंगा पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इस संकट ने न केवल रोजमर्रा के यात्रियों, बल्कि शादी-विवाह वाले परिवारों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

शादी-विवाह के इस मौसम में भागलपुर के गंगा घाटों पर इन दिनों एक अनोखा और विचलित करने वाला नजारा देखने को मिल रहा है। विदाई के लिए सजी-धजी कारों की जगह अब नवविवाहित जोड़े नाव से अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं। घाट पर दूल्हा-दुल्हन को भारी गहनों और कपड़ों के साथ ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए नाव पर चढ़ते देखा जा रहा है। यह स्थिति न केवल कष्टदायक है बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी चिंताजनक बनी हुई है।

गंगा किनारे विदाई के दौरान दिल को छू लेने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं, जहाँ दूल्हा एक हाथ में विदाई का सामान संभाले हुए है तो दूसरे हाथ से अपनी जीवनसंगिनी का हाथ पकड़कर उसे सावधानी से नाव पर चढ़ा रहा है। दुल्हनें भी भारी लहंगे और सामान के बोझ के बीच रिश्तेदारों की मदद से किसी तरह नाव में सवार हो रही हैं। जो सफर कभी चंद मिनटों का था, वह अब घंटों की मशक्कत और जोखिम भरी जलयात्रा में बदल गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विक्रमशिला सेतु के टूटने से सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को हो रही है जिनके घरों में मांगलिक कार्य हैं। बस और निजी वाहनों का परिचालन बंद होने के कारण लोग सामान ढोने और रिश्तेदारों को लाने-ले जाने के लिए मजबूरन नावों का रुख कर रहे हैं। कई बार नावों पर क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण हादसे का डर भी बना रहता है, लेकिन परंपराओं और रिश्तों को निभाने की मजबूरी में लोग यह खतरा मोल ले रहे हैं।

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फिलहाल, गंगा घाट पर नाव से हो रही दूल्हा-दुल्हन की विदाई का यह दृश्य पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को साझा कर प्रशासन से सेतु की जल्द मरम्मत की मांग कर रहे हैं। जब तक पुल दोबारा शुरू नहीं होता, तब तक भागलपुर की जनता को इसी तरह जान जोखिम में डालकर और गंगा की लहरों से जूझते हुए अपना सफर और सामाजिक दायित्व पूरा करना होगा।

बालमुकुंद की रिपोर्ट