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Bihar doctor: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर रिश्वत का दाग! भितहा PHC के प्रभारी डॉक्टर पर 15 हजार की मांग का आरोप, निगरानी की कार्रवाई शुरू

Bihar doctor: बिहार के पश्चिम चंपारण में भितहा PHC के प्रभारी डॉक्टर पर 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। निगरानी विभाग ने शिकायत सही पाकर केस दर्ज किया है।

Bihar doctor
बिहार में डॉक्टर पर रिश्वत का आरोप- फोटो : news4nation

Bihar doctor: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। पश्चिम चंपारण जिले के भितहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार पर सुरक्षा प्रहरी की जॉइनिंग के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शिकायत को सही पाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

जॉइनिंग के बदले मांगी गई रिश्वत

यह मामला धनहा थाना क्षेत्र के समसेरवा गांव से जुड़ा है। गांव निवासी पिंटु मिश्रा ने निगरानी ब्यूरो, पटना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके भाई अंशु मिश्रा की नियुक्ति एक निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से भितहा PHC में सुरक्षा प्रहरी के पद पर हुई थी। नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद जानबूझकर योगदान नहीं कराया जा रहा था।

महीनों तक टालमटोल का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार 18 मार्च 2025 को पहली बार प्रभारी डॉक्टर से मुलाकात हुई, लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि बाद में आइए। 25 मार्च को दोबारा PHC पहुंचने पर भी बहाने बनाकर वापस भेज दिया गया। इसके बाद करीब चार महीने तक लगातार चक्कर कटवाए जाते रहे, लेकिन जॉइनिंग नहीं कराई गई।

15 हजार लाने पर जॉइनिंग का दावा

आरोप है कि 10 जुलाई 2025 को प्रभारी डॉक्टर ने साफ तौर पर कहा कि यदि 12 जुलाई को 15 हजार रुपये लाए जाएं, तभी योगदान कराया जाएगा। इसके बाद रिश्वत देने के बजाय पीड़ित पक्ष ने निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया।

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निगरानी जांच में आरोप सही

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार से कराए गए सत्यापन में आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर 22 अगस्त 2025 को निगरानी थाना, पटना में कांड संख्या 65/25 दर्ज किया गया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी

निगरानी विभाग की टीम ने भितहा PHC पहुंचकर संबंधित दस्तावेजों और तथ्यों की जांच की है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।मामले पर प्रतिक्रिया के लिए डॉ. मनोरंजन कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इस घटना ने एक बार फिर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प•चम्पारण बेतिया आशिष कुमार