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Bihar News : बेतिया में कटाव रोकने के सभी दावे हुए फेल, कहर मचा रही गंडक, अपने ही हाथों आशियाना उजाड़ने को मजबूर हैं ग्रामीण

Bihar News : पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत सिसवा मंगलपुर पंचायत के सिसवा गांव में गंडक नदी के भीषण कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है......पढ़िए आगे

Bihar News : बेतिया में कटाव रोकने के सभी दावे हुए फेल, कहर
कटाव का कहर - फोटो : ASHISH

BETTIAH : पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत सिसवा मंगलपुर पंचायत के सिसवा गांव में गंडक नदी के भीषण कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटाव की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि नदी लगातार गांव की आबादी की ओर बढ़ रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई ग्रामीण अपने पक्के मकानों और आशियाने को खुद ही अपने हाथों से तोड़ने और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।

गौरतलब है कि बीते दिन सिसवा गांव में गंडक नदी के मुहाने पर बना एक पक्का मकान ताश के पत्तों की तरह नदी में समा गया था, जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया था। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम ने सिसवा मंगलपुर पहुंचकर कटाव प्रभावित क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम में कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता समेत कई विभागीय अधिकारी और दर्जनों स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

कटाव की भयावह स्थिति के बीच रामचंद्र मुखिया, मुख्तार मियां, पारस पटेल, हसन मियां, बबन मियां, मंगल पटेल, विनोद पटेल, काशीराम पटेल और बेचू पटेल जैसे कई ग्रामीण अपने सालों की मेहनत से बने घरों को अपने ही हाथों से ढहा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंडक नदी की उफनती धारा को रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो पूरा का पूरा गांव नदी के पेट में समा जाएगा।

मामले की जानकारी देते हुए जल विभाग के कनीय अभियंता धीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया गया है और गंडक नदी के कुछ संवेदनशील हिस्सों में तेज कटाव देखा जा रहा है। कटाव की गति पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की ओर से ट्री-एस्पल (Tree-Spur) तकनीक से निरोधात्मक कार्य कराए जा रहे हैं, ताकि नदी की तेज धारा को किनारे से दूर मोड़ा जा सके और कटाव को नियंत्रित किया जा सके।

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हालांकि, विभाग की इन कोशिशों के बीच ग्रामीणों का गुस्सा और डर कम नहीं हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से अपील की है कि राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जाएं। साथ ही कटाव से बेघर हुए और प्रभावित परिवारों को अविलंब सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित करने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

आशीष की रिपोर्ट