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Bihar News : बिहार कृषि विश्वविद्यालय में प्रशाखा पदाधिकारी नियुक्ति विवाद गहराया, मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज हुई शिकायत

Bihar News : बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर हुई नियुक्ति को लेकर विवाद एक बार फिर पूरी तरह गहरा गया है। इसको लेकर शिकायत दर्ज करायी गयी है.......पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार कृषि विश्वविद्यालय में प्रशाखा पदाधिकारी
नियुक्ति विवाद गहराया - फोटो : CHANDRASHEKHAR

BANKA : बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में प्रशाखा पदाधिकारी (Section Officer) पद पर हुई नियुक्ति को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। मामले में शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री जन शिकायत निवारण पोर्टल पर विस्तृत आवेदन देकर एक माह के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरतीं तथा आरक्षण एवं रोस्टर नियमावली की खुलकर अनदेखी की गई। 

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ न्यायालय से शपथित शपथ-पत्र भी संलग्न किया है, जिसमें नियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, सरकारी आदेशों की अवहेलना तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में कहा गया है कि महालेखाकार (लेखा परीक्षा), बिहार पटना की निरीक्षण रिपोर्ट में भी नियुक्ति प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार चयन प्रक्रिया सरकारी निर्देशों के विपरीत संचालित की गई, आरक्षण नियमावली का उल्लंघन हुआ तथा कई महत्वपूर्ण अभिलेख और संचिका के पृष्ठ अनुपलब्ध पाए गए।

Goal 2026

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रोस्टर क्रमांक 14 से प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी, लेकिन कथित रूप से गलत तरीके से रोस्टर क्रमांक 13 से कार्रवाई प्रारंभ कर नियुक्ति कर दी गई, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई। मामले में बिहार कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन डॉ. राजेश कुमार तथा नव नियुक्त प्रशाखा पदाधिकारी मिथलेश कुमार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आवेदन में दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, प्राथमिकी दर्ज करने तथा उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।

इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से यह भी अनुरोध किया है कि पूरे मामले की जांच हर हाल में एक माह के भीतर पूरी कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा योग्य अभ्यर्थियों के लिए पारदर्शी तरीके से पुनः चयन प्रक्रिया कराई जाए।

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चंद्रशेखर भगत की रिपोर्ट