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Bihar Flood: गंगा का पानी घटा, मुसीबत बरकरार, 3-4 फीट पानी में जान जोखिम में डालकर सफर

Bihar Flood: भोजपुर जिले में गंगा नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी जरूर दर्ज की जा रही है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की दुश्वारियां अब भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

Bihar Flood
जान जोखिम में डालकर सफर- फोटो : reporter

Bihar Flood:  भोजपुर जिले में गंगा नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी जरूर दर्ज की जा रही है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की दुश्वारियां अब भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सड़कों पर जमा बाढ़ का पानी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। हालात ऐसे हैं कि लोग जान जोखिम में डालकर तेज बहाव वाले पानी को पार कर आने-जाने को मजबूर हैं।

ताजा तस्वीर आरा-सलेमपुर मुख्य मार्ग पर छोटकी सनदिया गांव के समीप की है, जहां मुख्य सड़क पर करीब तीन से चार फीट पानी जमा है। सड़क पर पानी का बहाव इतना तेज है कि इस रास्ते से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है। इसके बावजूद आसपास के ग्रामीणों के पास फिलहाल आवागमन का कोई आसान विकल्प नहीं है।

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सड़क के ऊपर से बाढ़ का पानी तेज रफ्तार से बह रहा है और इसी पानी के बीच लोग किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इस मार्ग से दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का नियमित आवागमन होता है। सड़क पर पानी भर जाने के कारण इन गांवों के हजारों लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है।

एक ही रास्ता, इसलिए मजबूरी में पार कर रहे पानी

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवागमन के लिए यही प्रमुख रास्ता है। दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में इसी जलमग्न सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है। पानी की गहराई अधिक होने के साथ-साथ तेज बहाव भी बना हुआ है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के पानी को पार करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन जरूरी काम के लिए घर से बाहर निकलना भी मजबूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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सैकड़ों गांवों में बाढ़ का असर

गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण भोजपुर जिले के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। कई इलाकों में खेत, संपर्क मार्ग और रिहायशी क्षेत्र पानी से घिरे हुए हैं। अब नदी के जलस्तर में कमी शुरू होने के बावजूद जमीन पर हालात सामान्य होने में वक्त लग रहा है।

जलजमाव और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। छोटकी सनदिया के समीप मुख्य सड़क पर पानी का तेज बहाव इस बात की गवाही दे रहा है कि बाढ़ का संकट भले ही धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा हो, लेकिन जनजीवन अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका है।

रिपोर्ट- आशीष कुमार