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Bihar Crime: आरा में झाड़ियों में फेंका गया दो माह का मासूम, रोने की आवाज सुन कांप उठा इलाका

Bihar Crime:झाड़ियों के बीच दो माह का नवजात बच्चा रोता-बिलखता पड़ा था।....

A two month old child was thrown into bushes in Ara
झाड़ियों में फेंका गया दो माह का मासूम- फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार के आरा के गजराजगंज ओपी इलाके से इंसानियत को झकझोर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक बेरहम दिल शख्स या शायद किसी मजबूर मां की दरिंदगी ने दो महीने के मासूम को सड़क किनारे झाड़ियों में लावारिस हालत में छोड़ दिया। मंगलवार की दोपहर जैसे ही मासूम की चीख-पुकार गूंजी, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

मामला आरा-बक्सर फोरलेन के पास एक निजी रेस्टोरेंट के समीप का है, जहां सड़क किनारे झाड़ियों के बीच से किसी बच्चे के रोने की दर्दनाक आवाज़ सुनाई दी। वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण की नजर जैसे ही झाड़ियों की तरफ पड़ी, तो उनके होश उड़ गए। झाड़ियों के बीच दो माह का नवजात बच्चा रोता-बिलखता पड़ा था। यह नजारा देखकर आसपास के लोगों के दिल दहल उठे। देखते ही देखते वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

स्थानीय लोगों ने फौरन इसकी इत्तिला गजराजगंज ओपी पुलिस को दी। खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आई। ओपी में तैनात एसआई सोनी कुमारी मौके पर पहुंचीं और मासूम को अपनी गोद में उठाकर तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल आरा के एसएनसीयू वार्ड ले गईं। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे का इलाज जारी है।

इधर ओपी इंचार्ज चंचल महथा ने बताया कि दोपहर में स्थानीय लोगों से सूचना मिली थी कि झाड़ियों में एक बच्चा पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित अस्पताल भेजा गया।

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इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं भी गर्म हैं। कुछ लोगों का कहना है कि संभवतः किसी बिन-ब्याही मां ने समाज और लोक-लाज के डर से बच्चे को जन्म देने के बाद उसे झाड़ियों में छोड़ दिया होगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

पुलिस के मुताबिक इलाज के बाद बच्चे को बाल संरक्षण इकाई को सौंप दिया जाएगा, ताकि उसकी सही परवरिश और देखभाल हो सके। लेकिन इस दर्दनाक वारदात ने एक बार फिर इंसानियत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या समाज के डर से मासूम जिंदगी को यूं मौत के मुहाने पर छोड़ देना ही आखिरी रास्ता है?