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पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी, CJP का केंद्र को दो टूक पहले चाहिए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

CJP की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल है।

Paper Leak Bill
Paper Leak Bill- फोटो : news4nation

Paper Leak :  देशभर में पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई। सरकार इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश कर सकती है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि पेपर लीक को लेकर सरकार अब और सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद पीड़ादायक है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, सरकार ने प्रभावित छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाने के लिए कम समय में परीक्षा आयोजित कराई और अब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कानूनी प्रावधान किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

CJP की तीन मांगों पर सरकार से बातचीत

वहीं, पेपर लीक और NEET विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रही Cockroach Janta Party (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को बातचीत हुई। CJP की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल है।

बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार ने मुआवजे और छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR तथा अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।

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‘प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं’

CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संगठन का कहना है कि पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय किए बिना केवल नया कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बातचीत में हिस्सा लिया। दोनों पक्षों के बीच शनिवार को तीसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है। CJP ने कहा है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर स्पष्ट निर्णय नहीं आता, आंदोलन जारी रहेगा।

खड़गे ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की

पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री से संसद में इस मुद्दे पर जवाब देने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार नए कानून की बात कर रही है, लेकिन मौजूदा पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने से बच रही है।