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इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने जारी की चिट्ठी, जानिए देश के युवाओं से क्या अपील की

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के संदेश में NEET-UG परीक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद भारत सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया।

Dharmendra Pradhan resign
Dharmendra Pradhan resigns- फोटो : news4nation

Dharmendra Pradhan resign : NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और परीक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद जारी संदेश में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रम से वह दुखी हैं, लेकिन यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। 

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश की शुरुआत युवाओं को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका विश्वास है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। उन्होंने लिखा कि वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प होना चाहिए।

 अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई 

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के संदेश में NEET-UG परीक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद भारत सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया। मामले की जांच CBI को सौंपी गई, परीक्षा रद्द की गई और दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित की गई।

उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT मोड में कराने का फैसला लिया गया। उनके मुताबिक, सरकार की प्राथमिकता रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित हो। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ जिला प्रशासन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही और छात्रों, अभिभावकों तथा माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को परीक्षा पूरी हुई।

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‘किसी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे’

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले ही दिन इस स्थिति की जिम्मेदारी ली थी और इससे कभी मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने दी जाएगी और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। 

उन्होंने 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि परिणाम संतोषजनक रहे और गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ बाधा डालने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ।

‘भारत की युवा शक्ति ही देश की असली ताकत’

अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें भारत के लोकतंत्र की शक्ति पर हमेशा अटूट विश्वास रहा है। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का सम्मान करने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति ही देश की असली ताकत है। उन्होंने संकल्प जताया कि देश की युवा शक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं दिया जाएगा।

जंतर-मंतर पर बनी स्थिति का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह नहीं चाहते कि राष्ट्रविरोधी ताकतें इस परिस्थिति का लाभ उठाएं, देश की एकता बनी रहे और भारत का कोई भी विद्यार्थी कानूनी पेचीदगियों में न उलझे। उन्होंने छात्रों से अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

इस्तीफे के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों-कर्मचारियों और उन सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया, जिनके साथ उन्हें काम करने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह इसके लिए हमेशा समर्पित रहेंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि प्रभु श्रीजगन्नाथ के आशीर्वाद से वह भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप से स्वयं को समर्पित रखेंगे।