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साहित्य के क्षेत्र में मंजू कुमारी को सम्मान, नव पल्लव साहित्यिक संस्था ने लेखन प्रतिभा को सराहा

साहित्यकारों ने मंजू कुमारी की रचनाओं में दिखाई देने वाली महिला संवेदना, मातृत्व भावना, नारी सशक्तिकरण तथा महिलाओं के जीवन के संघर्ष और पीड़ा को विशेष रूप से रेखांकित किया।

नव पल्लव साहित्यिक संस्था
नव पल्लव साहित्यिक संस्था- फोटो : news4nation

Bihar News :  साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और उत्तम लेखन शैली के लिए मंजू कुमारी को नव पल्लव साहित्यिक संस्था की ओर से सम्मानित किया गया। जमशेदपुर में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में कई ख्यातिप्राप्त महिला साहित्यकारों की मौजूदगी में मंजू कुमारी को यह सम्मान प्रदान किया गया। इस दौरान साहित्यकारों ने उनके लेखन कौशल और रचनात्मकता की जमकर सराहना की। 

कार्यक्रम में मौजूद साहित्यकारों ने मंजू कुमारी की रचनाओं में दिखाई देने वाली महिला संवेदना, मातृत्व भावना, नारी सशक्तिकरण तथा महिलाओं के जीवन के संघर्ष और पीड़ा को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंजू कुमारी की रचनाओं में महिलाओं के जीवन से जुड़े अनुभवों और भावनाओं की प्रभावी अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। सम्मान प्राप्त करने के बाद मंजू कुमारी ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान और लेखन शैली को सम्मान मिलना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इस सम्मान के लिए नव पल्लव साहित्यिक संस्था और कार्यक्रम में मौजूद सभी साहित्यकारों के प्रति आभार जताया।

महिलाओं की साहित्यिक प्रतिभा को मंच 

नव पल्लव साहित्यिक संस्था की स्थापना 8 अप्रैल 2018 को हुई थी। संस्था की संस्थापिका डा. माधुरी मिश्रा हैं। संस्था की स्थापना के पीछे उद्देश्य उन महिलाओं को साहित्य के क्षेत्र में मंच उपलब्ध कराना है, जिनके भीतर प्रतिभा तो है, लेकिन पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें अपनी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने का अवसर नहीं मिल पाता।

डा. माधुरी मिश्रा स्वयं गृहिणी रही हैं और उन्होंने अपने बच्चों की प्लस टू तक की पढ़ाई पूरी होने के बाद साहित्य के क्षेत्र में अपनी सक्रिय पहचान बनाई। आज वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित लेखिका, रचनाकार और उपन्यासकार के रूप में जानी जाती हैं। अपने अनुभवों के आधार पर उन्होंने महिलाओं को साहित्य से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए नव पल्लव की स्थापना की। संस्था का मुख्य उद्देश्य नई महिला लेखिकाओं को जोड़ना, उनकी रचनाओं को सुनना और आवश्यक मार्गदर्शन देकर उनके लेखन को परिष्कृत करना है। संस्था से वर्तमान में करीब 60 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो लगातार लेखन और साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। संस्था से जुड़ी कई महिलाओं ने शुरुआती दौर में अनगढ़ लेखन से शुरुआत की और आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं।

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प्रतिभाओं का सम्मान

नव पल्लव की ओर से नियमित रूप से मासिक काव्य गोष्ठी, दिनकर जयंती, प्रेमचंद जयंती, सावन मिलन, होली मिलन और वार्षिकोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा सदस्यों के लिए पिकनिक और अन्य रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। वार्षिकोत्सव के दौरान संस्था की सक्रिय सदस्याओं और बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाता है। इनमें सक्रिय सदस्य सम्मान, प्रतिभा सम्मान, अतिथि साहित्यकार सम्मान और निर्मला ठाकुर साहित्यकार सम्मान प्रमुख हैं। संस्था के अनुसार, ये सम्मान किसी पद या पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि साहित्यिक प्रतिभा और योगदान के आधार पर दिए जाते हैं।