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'20 रुपये किलो तक महंगा हुआ चावल', बासमती की खुशबू हो या बॉयल्ड राइस हर निवाले हो रहा आम लोगों की पहुंच से दूर

महंगाई का सीधा असर आम लोगों की थाली पर पड़ रहा है। त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही बासमती चावल की मांग बढ़ी है लेकिन इसकी कीमतों ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया है।

Rice prices hike in Bihar
Rice prices hike in Bihar - फोटो : news4nation

Rice prices hike in Bihar : बिहार में पिछले करीब दो महीनों के दौरान चावल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। थोक मंडियों से लेकर खुदरा बाजार तक लगभग सभी प्रमुख किस्मों के चावल महंगे हुए हैं। सोनम, बॉयल्ड, हाफ बॉयल्ड, बासमती, कतरनी और गोविंद भोग जैसी लोकप्रिय किस्मों के दाम में 5 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्यापारियों का कहना है कि सीमित स्टॉक, मानसून की अनिश्चितता, मिलिंग लागत में बढ़ोतरी और परिवहन खर्च बढ़ने से बाजार में तेजी बनी हुई है। नतीजा है कि सभी किस्म के  चावलों के दाम 5 से 20 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं।

प्रमुख मंडियों में क्या है स्थिति?

पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, किशनगंज और पूर्णिया के व्यापारियों के अनुसार पिछले 45 से 60 दिनों में चावल की मांग बढ़ी है, जबकि नई फसल आने में अभी समय है। पुराना स्टॉक धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिससे अच्छी गुणवत्ता वाले चावल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। राज्य की मंडियों में सामान्य चावल का औसत थोक भाव करीब ₹5,500 प्रति क्विंटल के आसपास बना हुआ है, जबकि प्रीमियम किस्मों की कीमत इससे काफी अधिक है। सामान्य बॉयल्ड राइस जो एक से डेढ़ महीने पहले तक 42 से 44 रुपए प्रति किलो था उसकी कीमत 55 रुपए तक पहुंच गई है। इसी तरह हाफ बॉयल्ड चावल की कीमत एक महीने पहले 42-44 रुपए प्रति किलो थी जिसमें अब 10 से 12 रुपए प्रति किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। 

बासमती खाना मुश्किल 

महंगाई का सीधा असर आम लोगों की थाली पर पड़ रहा है। त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही बासमती चावल की मांग बढ़ी है लेकिन इसकी कीमतों ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया है। सामान्य से प्रीमियम किस्म की बासमती में 12 से 25 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है। उच्च गुणवत्ता के बासमती की कीमत 150 से 180 रुपए प्रति किलो के बीच है। वहीं ब्रांडेड बासमती 250 रुपए प्रति किलो तक है। बासमती, कतरनी और गोविंद भोग जैसी प्रीमियम किस्में खरीदने वालों को पहले की तुलना में प्रति बोरी 700 से 1000 रुपये तक अधिक खर्च करना पड़ रहा है। 

पूरे देश में असर 

चावल की अखिल भारतीय औसत दैनिक खुदरा कीमत मासिक आधार पर 2.27 फीसदी बढ़कर 3 अगस्त को 45.13 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। एक महीने पहले चावल की खुदरा कीमत 44.13 रुपये प्रति किलोग्राम थी। दक्षिण भारत के राज्यों, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में चावल की कीमत में प्रति किलोग्राम 10 से 15 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। वहीं सबसे बड़ी चिंता की बात है कि बाजार जानकारों और कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस वर्ष अब तक बारिश की खराब स्थिति का सीधा असर धान की रोपाई पर हो रहा है। ऐसे में चाहे बिहार हो या अन्य धान उत्पाद राज्य सभी जगह पैदावार कम होने की संभावना है। इससे चावल की कीमतों में आने वाले दिनों में 50 फीसदी तक ज्यादा महंगाई दिख सकती है। 

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उत्पाद बढ़ा फिर भी महंगाई 

भारत में पिछले दो वित्तीय/फसल वर्षों में चावल उत्पादन लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। देश में वर्ष 2023-24 में 137.82 मिलियन टन (1,378.25 लाख टन) चावल का उत्पाद हुआ जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 150.18 मिलियन टन (1,501.84 लाख टन) हो गया यानी चावल उत्पादन में 12.36 मिलियन टन (123.59 लाख टन) यानी करीब 9% वृद्धि हुई। हैरानी की बात है कि चावल उत्पाद बढने के बाद भी कीमतों में भारी उछाल आया है। इससे आम लोगों का बजट बुरी तरह बिगड़ गया है। 

चीनी की मिठास गायब 

देशभर में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में चीनी की थोक कीमतों में पांच फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। औसत थोक भाव बढ़कर 4,593 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। वहीं, खुदरा बाजार में चीनी का औसत मूल्य 47.11 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 49.53 रुपये प्रति किलो हो गया है। पिछले एक साल में भी चीनी की कीमतों में करीब 7.64 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।